कोरोना वायरस के संकट के दौर में लोग इलाज के खर्च से परेशान हैं। अस्पतालों में बेड फुल हैं। इस बीच निजी अस्पतालों में इलाज काफी महंगा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ी है। हालांकि इरडा ने निर्देशानुसार इंश्योरेंस कंपनियां स्वास्थ्य बीमा में कोरोना के इलाज का खर्च शामिल कर रही हैं। ऐसे में देश में हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम करने वाले ग्राहकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल 14 मई तक कंपनियों के पास 22,955 करोड़ रुपये के 14.82 लाख ग्राहकों के क्लेम आए हैं।
अब तक इतने दावों का हुआ निपटान
जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वहीं साधारण बीमा कंपनियों ने अब तक 12.35 लाख ग्राहकों के दावे का ही निपटान किया है। इन ग्राहकों को अब तक हेल्थ प्लान के 11,794 करोड़ रुपये की रकम दी जा चुकी है। यानी 2.5 लाख ग्राहकों द्वारा इंश्योरेंस की 11,161 करोड़ रुपये की रकम के दावे का निपटान किया जाना अभी बाकी है। 10 अप्रैल के बाद अचानक क्लेम बढ़ने लगे और 10 अप्रैल से 14 मई के बीच बीमा कंपनियों के पास 4,66,498 नए मामले आए। इनमें से 3,66,306 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। संख्या के हिसाब से 83 फीसदी क्लेम का निपटारा किया गया है, वहीं राशि के हिसाब से केवल 51.38 फीसदी क्लेम निपटाए गए हैं।
इन राज्यों में किए गए सबसे ज्यादा क्लेम
- महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 6896 करोड़ रुपये के 535513 क्लेम किए गए। इनमें से 3623 करोड़ रुपये मूल्य के 448986 मामलों का निपटारा किया गया।
- इसके बाद गुजरात में 2271 करोड़ रुपये के 166572 क्लेम किए गए। इनमें से 1327 करोड़ रुपये के 132968 मामलों का निपटारा किया गया।
- कर्नाटक में 1904 करोड़ रुपये के 123562 क्लेम किए गए। इनमें से 968 करोड़ रुपये मूल्य के 101547 मामलों का निपटारा किया गया।
- तमिल नाडु में 2267 करोड़ रुपये के 119068 क्लेम किए गए। इनमें से 999 करोड़ रुपये मूल्य के 100802 मामलों का निपटारा किया गया।
- दिल्ली में 1574 करोड़ रुपये के 83229 क्लेम किए गए। इनमें से 863 करोड़ रुपये मूल्य के 71081 मामलों का निपटारा किया गया।
इस तरह कंपनियों के पास 22,955 करोड़ रुपये के 1482802 ग्राहकों के क्लेम आए हैं।