सोमवार को एचडीएफसी लिमिटेड का प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े एचडीएफसी बैंक में विलय होने की घोषणा की गई। इस विलय के बाद बैंक दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा ऋणदाता बन जाएगा। इसके अलावा मार्केट कैप के हिसाब से भी विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली कंपनी रिलायंस के बाद सबसे बड़ी होगी। इसके अलावा दोनों कंपनियों का कारोबार एक होने से उसका ग्राहक आधार भी बढ़ेगा। आइए जानते हैं कि इस विलय के बाद दोनों कंपनियों के ग्राहकों और कर्मचारियों क्या असर होगा।
1- सस्ता हो सकता है होम लोन
इस विलय प्रक्रिया के बाद बैंक में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) की हिस्सेदारी के लिए और स्पेस मिलेगा। एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख के मुताबिक, कंपनी ने बैंकिंग प्लेटफॉर्म के तहत होम लोन पोर्टफोलियो बढ़ाने के लिए यह काम यह कदम उठाया है। ऐसे में उम्मीद है कि होम लोन सस्ता हो सकता है।
2- एक छत के नीचे सारी सुविधाएं
एचडीएफसी लिमिटेड के एचडीएफसी बैंक में विलय के बाद ग्राहकों को सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि उन्हें एक ही छत के नीचे बैंकिंग और नॉन बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। बता दें कि जब दो कंपनियों के कारोबार एक हो जाएंगे तो इन कंपनियों के ग्राहकों को अलग-अलग नहीं भटकना होगा।
3- बैंक में एचडीएफसी के उत्पाद
बैंक की ओर से कहा गया है कि इस विलय से ग्राहकों को बड़ा फायदाहोगा। बैंक के बैलेंस शीट में सुधार होने के साथ कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर भी बेहतर होगा, जिससे ग्राहकों को लाभ मिला लाजिमी है। इसके अलावा बैंक की शाखाएं एचडीएफसी लिमिटेड के उत्पाद भी बेचेंगी। यानी इस विलय से क्रॉस सेलिंग के फायदे मिलेंगे।
4- इन सेवाओं का भी मिलेगा फायदा
इस सबसे बड़े विलय के बारे में बात करते हुए दीपक पारेख ने बताया कि यह दोनों ही कंपनियों के लिए फायदेमंद है, मर्जर के बाद एक मजबूत कंपनी बनेगी। बैंक की ऑपरेशनल और प्रोफिशिएंशी का और बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो सकेगा। इसके साथ ही यह 100 फीसदी पब्लिक होल्डिंग कंपनी होगी। विलय के बाद बैंक को सस्ता फंड उपलबध हो सकेगा और इसका फायदा ग्राहकों को किफायती उत्पादों के रूप में मिल सकता है।
5- कर्मचारियों पर कोई असर नहीं
विलय की खबर के बाद जहां एक ओर दोनों कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला था, वहीं इस खबर के बाद बैंक की ओर से जारी बयान में भरोसा दिलाया गया कि एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के विलय से कर्मचारियों पर कोई असर नहीं होगा। कंपनी के मौजूदा ग्राहकों पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।