हल्दीराम ने सिंगापुर की टेमासेक को अपने कुछ हिस्सा भेजने के एक दिन बाद दो और कंपनियों अपने कुछ शेयर बेचे हैं। ये डील कितने रुपये में हुई है, इसका खुलासा नहीं किया गया है। वहीं सूत्रों के अनुसार, आईएचसी और अल्फा वेव ग्लोबल ने करीब छह फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।
भारत की मशहूर स्नैक और फूड ब्रांड हल्दीराम ने दो नए निवेशकों इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अल्फा वेव ग्लोबल को अपने शेयर बेचने की पुष्टि की है। हालांकि, कंपनी ने इस डील की पूरी जानकारी नहीं दी है। यह घोषणा तब हुई जब हल्दीराम ने एक दिन पहले ही सिंगापुर की निवेश कंपनी टेमासेक को भी अपना कुछ हिस्सा बेचने की पुष्टि की थी। इस सौदे का विवरण भी नहीं साझा किया गया था।
दोनों कंपनियों ने खरीदी छह फीसदी हिस्सेदारी
हल्दीराम ने अपने बयान में कहा, 'हम अपने इक्विटी राउंड में आईएचसी और अल्फा वेव ग्लोबल को जोड़कर उत्साहित हैं। यह हमारे वैश्विक विस्तार की योजनाओं को और मजबूती देगा, खासकर अमेरिका और मिडिल ईस्ट में।' उद्योग सूत्रों के अनुसार, आईएचसी और अल्फा वेव ग्लोबल ने करीब छह फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।
हल्दीराम के डील की खास बातें
इस डील से हल्दीराम की कुल वैल्यू 10 बिलियन डॉलर (लगभग 85,000 करोड़ रुपये) आंकी गई है, जो भारतीय पैक्ड फूड इंडस्ट्री में अब तक की सबसे बड़ी डील मानी जा रही है। इसमें कहा गया है, 'यह निवेश अल्फा वेव ग्लोबल और आईएचसी की मजबूत उपभोक्ता ब्रांडों वाली प्रमुख कंपनियों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'
अल्फा वेव ग्लोबल और आईएचसी के बारें में जाने
अल्फा वेव ग्लोबल एक अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनी है, जो प्राइवेट इक्विटी, प्राइवेट क्रेडिट और पब्लिक मार्केट्स में निवेश करती है। आईएचसी, जो यूएई की सबसे बड़ी निवेश कंपनियों में से एक है, ने भी इस डील में भाग लिया है। यह निवेश हल्दीराम को और मजबूत बनाएगा और उसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने में मदद करेगा।