गुरुग्राम में चलने वाली रैपिड मेट्रो का संचालन 17 सितंबर के बाद बंद हो सकता है। आईएलएंडएफएस कंपनी द्वारा बनाई गई रैपिड मेट्रो को तब तक रैपिड मेट्रो रेल गुरुग्राम लिमिटेड (आरएमजीएल) द्वारा किया जाएगा। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय ने स्थगन आदेशों को 17 सितंबर तक बढ़ाते हुए दोनों पक्षों को विवाद के 10 बिंदुओं पर बैठक कर आपस में सुलझाने के आदेश दिए हैं।
राज्य सरकार में लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में निजी तौर पर चलाई जा रही रैपिड मेट्रो को राज्य सरकार अपने अधीन लेने को तैयार है, मगर राज्य सरकार रैपिड मेट्रो को अपने हाथों में तभी लेगी जब इस मेट्रो के पिछले घाटे की भरपाई करने का निर्णय हो जाएगा। राज्य सरकार रैपिड मेट्रो को अपने अधीन लेने के बाद उसे संचालन के लिए जीएमडीए को सौंपेगी।
गुरुग्राम में एक कार्यक्रम के दौरान राव नरबीर सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य सरकार रैपिड मेट्रो को बंद नहीं होने देगी। राज्य सरकार ने रैपिड मेट्रो को अपने अधीन लेने और उसके संचालन के संबंध में पूरी तैयारी कर ली है। सरकार रैपिड मेट्रो का संचालन जीएमडीए से कराएगी, लेकिन राज्य सरकार रैपिड मेट्रो के पिछले घाटे का भुगतान नहीं करेगी। इस संबंध में स्थिति साफ होने के बाद ही राज्य सरकार रैपिड मेट्रो को अपने हाथों में लेगी।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि गुरुग्राम विकसित शहर है और यहां विदेशों जैसी सुविधाएं उपलब्ध है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार रैपिड मेट्रो को किसी भी स्थिति में बंद नहीं होने देगी। दरअसल भाजपा सरकार ने गत पांच वर्षों के दौरान गुरुग्राम का विकास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसी तरह गुरुग्राम में मौजूद समस्याओं का समाधान करने की पहल की। राज्य सरकार मेट्रो रेल का भी विस्तार कराने की योजना बना रही है। वह दिन दूर नहीं जब पुराने गुरुग्राम में भी मेट्रो रेल दस्तक देगी।