राजस्व संग्रह पर दबाव बढ़ने के साथ ही सरकार कई उत्पादों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बढ़ा सकती है। इसके अलावा जीएसटी स्लैब में भी बदलाव हो सकता है। जीएसटी परिषद की अगले हफ्ते होने वाली बैठक में ऐसे कई फैसले हो सकते हैं।
जीएसटी परिषद की बैठक में मुआवजे की भरपाई करने के लिए कुछ उत्पादों पर उपकर बढ़ाने पर विचार किए जाने का भी अनुमान है। सूत्रों ने कहा कि परिषद स्लैबों के विलय के साथ स्लैब की संख्या तीन तक सीमित करने की संभावनाओं पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि इसमें छूट वाले उत्पादों की सूची पर फिर से विचार किया जा सकता है और साथ ही कुछ सेवाओं पर उपकर लगाने की संभावनाएं भी खंगाली जा सकती हैं।
हाल में आए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान बजट अनुमान की तुलना में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) संग्रह लगभग 40 फीसदी कम रहा। अप्रैल-नवंबर के दौरान वास्तविक जीएसटी संग्रह 3,28,365 करोड़ रुपये रहा, जबकि इस अवधि के लिए बजट अनुमान 5,26,000 करोड़ रुपये था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार जीएसटी मुआवजे आदि के एवज में केद्र सरकार से 15,558 करोड़ रुपये का ‘कानूनी बकाया’ मिलने का इंतजार कर रही है। वित्त मंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने धनराशि तुरंत जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘कर अवमूल्यन के मद में 6,946.29 करोड़ रुपये और जीएसटी मुआवजे के मद में 8,611.76 करोड़ रुपये बकाया हैं।’ आम बजट, 2019-20 के तहत महाराष्ट्र का कर अवमूल्यन 46,630.66 करोड़ रुपये था, जो 2018-19 में मिली 41,952.65 करोड़ रुपये की तुलना में 11.15 फीसदी ज्यादा था।