केंद्रीय वित्त व कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों ने वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के संग्रह और हस्तांतरण में सफलता की कहानी लिखी है। उन्होंने कहा कि राज्यों के वित्त पर आरबीआई की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार आठ पूर्वोत्तर राज्यों ने 27.5 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक जीएसटी वृद्धि दर्ज की है।
सीतारमण केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अधिकारियों और कर्मचारियों को 'सेवा के विशेष विशिष्ट रिकॉर्ड' के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करने के लिए आयोजित अलंकरण समारोह में बोल रही थीं। मंत्री ने कहा कि जीएसटी अधिनियम पारित होने के चार दिन बाद असम इसका अनुमोदन करने वाला पहला राज्य था और तब से करों के संग्रह में 12 गुना वृद्धि हुई है। जीएसटी लागू होने से पहले असम का बिक्री कर संग्रह 558.26 करोड़ रुपये था, लेकिन यह कई गुना बढ़कर 7,097 करोड़ रुपये हो गया है।
सिक्किम और मेघालय ने भी हासिल की उपलब्धि
उन्होंने कहा कि सिक्किम और मेघालय ने भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसमें सिक्किम का संग्रह 263.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,036 करोड़ रुपये और मेघालय का संग्रह 587.21 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,078 करोड़ रुपये हो गया है।
वित्त मंत्री बोलीं- जीएसटी में प्रणाली में हुए कई महत्वपूर्ण सुधार
सीतारमण ने कहा, 'जीएसटी ने प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार किया है, जिससे न केवल राज्यों को बल्कि अंतत: लोगों को भी लाभ हुआ है। पूर्वोत्तर की सीमाएं चार देशों के साथ लगती हैं और इस क्षेत्र में 25 कार्यात्मक भूमि सीमा शुल्क स्टेशन (एलसीएस) हैं, इनमें से केवल 15 में इलेक्ट्रॉनिक सुविधाएं हैं।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का को कहा कि दिसंबर तक शेष एलसीएस में भी इलेक्ट्रॉनिक सुविधाएं हों ताकि तस्करी का पता लगाने और रोकने में मदद मिले। बता दें कि केंद्रीय मंत्री असम और त्रिपुरा के दो दिवसीय दौरे पर हैं।