आने वाले दिनों में इंटरनेट से गाना या फिल्म डाउनलोड करने, ऑनलाइन पैसा चुका कर कोई आलेख या खबर पढ़ने या ई बुक डाउनलोड करने पर आपको इक्वलाइजेशन लेवी चुकानी पड़ सकती है। फिलहाल सरकार ने यह लेवी ऑनलाइन विज्ञापन के जरिये कमायी करने वाली वेबसाइटों पर लगायी है लेकिन इसके दायरे में विस्तार का विकल्प खुला रखा गया है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि अभी इक्वलाइजेशन लेवी को बी2बी कारोबार पर लगाया है। मतलब यदि कोई व्यक्ति गूगल या फेसबुक जैसी वेबसाइटों पर विज्ञापन देता है और 1 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करता है तो उसे इस लेवी का भुगतान करना होगा।
उन्होंने बताया कि बाद में इसका दायरा ई कामर्स के अन्य प्रतिरूप पर भी बढ़ाया जा सकता है। प्रतिरूप क्या हो सकता है, इस सवाल पर उन्होंने बताया कि समिति ने आने वाले वर्षों के लिए कुछ और रोडमैप सुझाए हैं। इनमें ऑनलाइन म्यूजिक या फिल्म डाउनलोड, ऑनलाइन किताब या आलेख डाउनलोड करना, ऑनलाइन खबरे पढ़ना आदि को भी इस दायरे में लाया जा सकता है।