वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में बजट में प्रावधान किए गए प्रभावी पूंजीगत व्यय (ईसीई) का केवल 37.28 प्रतिशत उपयोग किया है। ईसीई पूंजीगत परिसंपत्तियों और संबंधित व्यय के निर्माण के उद्देश्य से सरकार के कुल पूंजीगत परिव्यय का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी गणना पूंजीगत व्यय और पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए अनुदान के योग के रूप में की जाती है।
वित्त मंत्रालय ने कहा, "वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में प्रभावी पूंजीगत व्यय 5.60 लाख करोड़ रुपये था" वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए, सरकार ने बजट में ईसीई का अनुमान 15.02 लाख करोड़ रुपये लगाया था। इसमें केंद्रीय पूंजीगत व्यय के 11.11 लाख करोड़ रुपये, प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय के रूप में 4.15 लाख करोड़ रुपये और राज्यों को पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए अनुदान के रूप में दिए गए1.45 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि यह खर्च बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए टिकाऊ संपत्ति बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में कुल सरकारी व्यय 21.11 लाख करोड़ या बजट अनुमान का लगभग 43.8 प्रतिशत आंका गया है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल बजटीय व्यय 48.21 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया था।
राजस्व खाते पर, सरकार ने कुल बजट राशि 37.09 लाख करोड़ रुपये का 45.7 प्रतिशत या 16.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसमें से 1.45 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत संपत्तियों के लिए अनुदान सहायता पर खर्च किए गए। 27.12 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान, रक्षा सेवाओं (राजस्व), पेंशन, प्रमुख सब्सिडी और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अनुदान सहायता पर खर्च किए गए।
वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में 11,62,940 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले 5,15,010 लाख करोड़ रुपये उधार पर ब्याज के तौर पर चुकाए गए। रक्षा सेवाओं के लिए बजट अनुमान 2,82,773 लाख करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में 1,45,181 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सहायता अनुदान के लिए 6,41,460 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में 2,39,296 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए। प्रमुख सब्सिडी के लिए 3,81,175 लाख करोड़ रुपये की बजट राशि के मुकाबले वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में 2,14,658 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। अंत में सरकार ने 2,43,296 लाख करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन से 1,48,989 लाख करोड़ रुपये की पेंशन का भुगतान किया।