केंद्र सरकार अब ऐसी कंपनियों से भी जीएसटी वसूलने की तैयारी कर रही है, जिनके कार्यालय कई राज्यों में मौजूद हैं। इसके लिए जल्द ही अधिसूचना जारी होने वाली है।
इस पर लगेगा जीएसटी
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार अगर किसी कंपनी ने अपने दूसरे राज्य में स्थित कार्यालय में किसी सेवा के लिए इनवॉयस जारी किया तो फिर उसको जीएसटी देना होगा। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक इसमें एचआर और अकाउंट्स से संबंधित कई सेवाओं को शामिल किया जाएगा।
जीएसटी परिषद ने दी मंजूरी
जीएसटी परिषद ने इस सर्कुलर को जारी करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। क्रॉस चार्ज की वजह से कंपनियों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। हालांकि कंपनियां इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए क्लेम कर सकेंगी।
कर्मचारी की लागत होगी शामिल
इस सर्कुलर के लागू होने के बाद कंपनियों को अपने कर्मचारियों की लागत को भी शामिल करना होगा। कंपनियों को जीएसटी मिलाकर के इनवॉयस जारी करना होगा।
इन सेक्टर पर भी पड़ेगा असर
इसका असर बिजली, स्वास्थ्य सेवा, शराब और शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों पर भी पड़ेगा। इसके अलावा एक कंपनी के कर्मचारी को दूसरी लोकेशन पर तैनाती मिलने पर अलग कंपनी का कर्मचारी माना जाएगा। यह तब भी लागू होगा अगर उसकी सैलरी या फिर अन्य सुविधाओं का भुगतान हेड ऑफिस से हो रहा हो।
कर्नाटक एएआर ने दिया था फैसला
इससे संबंधित एक फैसला कुछ महीने पहले कर्नाटक स्थित अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) ने दिया था, जिसमें कोलंबिया एशिया अस्पताल की इस तरह की सेवा को क्रॉस चार्ज माना गया था। एएआर ने कहा था कि इस पर जीएसटी लगनी चाहिए। फिलहाल मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में लंबित है, और सरकार को कोर्ट ने अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है।