सरकार के मुताबिक, आगामी बैठक में उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री रामविलास पासवान, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी शिरकत करेंगी।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री इसमें शामिल होंगे। उनसे जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम पर काबू रखने को केंद्र सख्त और समुचित नीति पर विचार-विमर्श करेगा।
कालाबाजारी पर प्रभावी तौर पर अंकुश लगाने के लिए इसमें राज्य के मंत्रियों से राय ली जाएगी। साथ ही, उनसे आपूर्ति की निरंतरता के लिए निगरानी व्यवस्था लागू करने पर चर्चा होगी। इस बैठक में नई नीति को अंतिम रूप देकर इसे निर्धारित तिथि से लागू करने की घोषणा की जा सकती है।
राज्यों को सहायता की होगी पहल
मंत्रालय के एक अधिकारी की मानें, तो राज्य सरकारें कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए हमेशा संसाधनों की कमी का हवाला देती हैं। उन्हें बैठक में इस पहलू पर केंद्र से आर्थिक या अन्य कोई सहायता की जरूरत होगी, तो उस पर चर्चा कर सैद्धांतिक मंजूरी दी जाएगी। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य के मंत्रिगण बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने संबंधी बाधाओं को दूर करने पर भी चर्चा करेंगे।