देश में राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं का निवेश ट्रस्ट (इनविट) बनाने की तैयारी में है। एनएचएआई प्रमुख ने बुधवार को बताया कि सितंबर तक इस पर कैबिनेट से अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद साल के आखिर तक ट्रस्ट बनकर तैयार हो जाएगा।
सिन्हा ने बताया कि निवेश ट्रस्ट म्यूचुअल फंड की तरह का माध्यम होगा। इन्हें इस तरीके से डिजाइन किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में निवेशकों से छोटी-छोटी राशि जुटाई जाती है और उसका निवेश ऐसी संपत्तियों में किया जाता है, जो एक समयावधि के बाद नकदी का प्रवाह देता है। इस तरह बने बड़े कोष की राशि से राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा करने के साथ इसके लाभ का हिस्सा वापस निवेशकों को दिया जाएगा।
राजमार्ग विकास के लिए धन का बड़ा हिस्सा कर्ज के जरिये जुटाया जाएगा। एनएचएआई प्रमुख ने कहा कि मंत्रालय ऐसी एजेंसी के गठन पर विचार कर रहा है जो दीर्घावधि में काम कर सके। इसके अलावा प्राधिकरण विभिन्न हरित राजमार्गों के लिए कार्बन क्रेडिट बाजार के जरिये भी धन जुटाने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भी शामिल है। इस एक्सप्रेस-वे से दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय 24 घंटे से घटकर 12-13 घंटे रह जाएगा।
एनएचएआई का कहना है कि देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बुनियादी सुविधाओं की बड़ी भूमिका होगी। इसके लिए भारतमाला परियोजना के तहत नौ हजार किलोमीटर राजमार्ग निर्माण को 44 आर्थिक गलियारों की पहचान की गई है। इन गलियारों से मालभाड़े की लागत जीडीपी के मुकाबले 15 फीसदी से घटकर 9 फीसदी तक आ जाएगी, जो विकास दर की रफ्तार बढ़ाने में मददगार होगा।