सरकारी तेल कंपनियां अगले वित्त वर्ष यानी 2024-25 में 1.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। चालू वित्त वर्ष की तुलना में यह पांच फीसदी अधिक रहेगा। यह निवेश गैस के खोजने, रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल और पाइपलाइन बिछाने पर किया जाएगा।
बजट दस्तावेजों के मुताबिक, ऑयल एवं प्राकृतिक गैस (ओएनजीसी) चालू वित्त वर्ष की तुलना में थोड़ा ज्यादा निवेश करेगी। ओएनजीसी विदेश 68% ज्यादा निवेश करेगी। इंडियन ऑयल सर्वाधिक निवेश करेगी। चालू वित्त वर्ष के 31,254 करोड़ की तुलना में कम होगा।
भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि (बीपीसीएल) का निवेश 30% ज्यादा होगा। गेल का निवेश चालू वित्त वर्ष के 9,750 करोड़ की तुलना में कम होगा। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि चालू वित्त वर्ष के 12,000 करोड़ की तुलना में 500 करोड़ ज्यादा निवेश करेगी। ऑयल इंडिया का निवेश 22 फीसदी अधिक होगा।
आईओसी व बीपीसीएल जुटाएंगी 40,000 करोड़
आईओसी और बीपीसीएल के बोर्ड ने पिछले साल राइट्स इश्यू के जरिये 22,000 और 18,000 करोड़ की पूंजी जुटाने को मंजूरी दी थी। एचपीसीएल और बीपीसीएल का लक्ष्य 2046 तक शुद्ध कार्बन उत्सर्जन को खत्म करना है। जबकि आईओसी का लक्ष्य 2046 का है।