इसी महीने पहले सप्ताह में जब पेट्रो ईंधनों पर कर कटौती की घोषणा हुई थी, उस समय दिल्ली में पेट्रोल का दाम 84 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल का दाम 75.45 रुपये प्रति लीटर था। बुधवार को पेट्रोल का भाव 79.55 रुपये रहा, जो पहले सप्ताह के मुकाबले 4.45 रुपये कम है। इसी तरह डीजल 73.78 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है, यानी चार अक्तूबर के मुकाबले 1.67 रुपये सस्ता हुआ है।
इसलिए कहा जा रहा है कि दोनों ईंधनों के दाम में पांच रुपये की गिरावट की गुंजाइश तो बनती ही है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव का असर घरेलू बाजार की कीमतों पर दिखने में 15 दिन का समय लगता है। इसलिए सस्ते कच्चे तेल का असर दिखने में एक पखवाड़े का समय लगेगा।
वापस भी हो सकती है कर कटौती
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सामान्य स्तर पर आ जाती है, तो कर कटौती का फैसला वापस भी हो सकता है। लेकिन यदि केंद्र सरकार ऐसा करेगी तो राज्यों को भी वैट या बिक्री कर में की गई कटौती को वापस लेने का साहस मिलेगा। ऐसा होने पर बाजार में अचानक दोनों ईंधनों के दाम बढ़ जाएंगे।