पेट्रोल तथा डीजल की बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बीच केंद्रीय तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को लेकर सरकार चिंतित है, हालांकि उनके हितों तथा राजकोषीय जरूरतों के बीच एक संतुलन बनाना चाहिए।
उत्पाद कर में कटौती होना मुश्किल
उन्होंने हालांकि, आसमान छूती तेल की कीमतों से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए इसपर लगने वाले उत्पाद कर में सरकार द्वारा किसी तरह की कटौती के प्रति प्रतिबद्धता नहीं जताई। पेट्रोल की कीमत 55 महीने के उच्च स्तर 74.63 रुपये लीटर, जबकि डीजल की कीमत 65.93 रुपये प्रति लीटर की नई ऊंचाई पर पहुंच गई है।
परेशानी से चिंतित है सरकार
प्रधान ने यहां एक कार्यक्रम से इतर कहा कि इससे होने वाली परेशानी को लेकर हम चिंतित हैं। कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से हम चिंतित हैं। इस मुद्दे के समाधान के लिए केंद्र सरकार क्या कदम उठा रही है, यह बताने से इनकार करते हुए प्रधान ने कहा कि जनता पर पड़ रहे बोझ को कम करने के लिए राज्यों को पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले बिक्री कर या वैट में कटौती करनी चाहिए।
क्रूड डील के लिए चीन, जापान, कोरिया से करेंगे गठबंधन
पेट्रोल तथा डीजल की बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बीच केंद्रीय तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की गिरोहबंदी से बचने के लिए भारत चीन, जापान और कोरिया के साथ एक गठबंधन बनाना चाहता है। इससे तेल की कीमतों पर बेहतर मोल भाव किया जा सकेगा।