भारत सरकार ने आयातकों और रिफाइनरियों को हिदायत दी है कि वे मलयेशिया से नहीं बल्कि इंडोनेशिया से अधिक पाम तेल खरीदें। मलयेशिया की ओर से देश के नए नागरिकता कानून और कश्मीर मामले में दिए गए बयानों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
इंडोनेशिया और मलयेशिया दो ऐसे देश हैं, जो पाम तेल की आपूर्ति करते हैं। अगर भारत में सिर्फ इंडोनेशिया से पाम तेल का आयात किया जाएगा तो इसके लिए कोई अतिरिक्त कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी क्योंकि दोनों देशों में तेल की कीमतें बराबर हैं।
उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कीमतों में समानता की वजह से रिफाइनर्स को इंडोनेशिया से पाम तेल आयात करने में कोई परेशानी नहीं आएगी। ऐसे में रिफाइनर्स को जोखिम लेने का कोई मतलब नहीं है, जब सरकार ने अनौपचारिक रूप से मलयेशिया से आयात नहीं करने की हिदायत दी है। घरेलू आपूर्ति में तेजी लाने के लिए भारत पाम तेल के अलावा सोयाबीन और सनफ्लावर तेल के आयात बढ़ाने पर विचार कर सकता है।