गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला
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सर्च इंजन चलाने वाली दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी अल्फोट के खराब नतीजों ने मंदी की आशंका को और बल दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गूगल सर्च विज्ञापन का बिजनेस घटा है जिसके बाद टेक कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी है। अल्फाबेट के निराश करने वाले नतीजों के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार में गिरावट की आशंका और प्रबल हो गई है।
वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व केवल छह फीसदी बढ़ा है और यह 69.1 बिलियन डॉलर रहा है। कोरोना महामारी के अवधि को छोड़ दें तो 2013 के बाद सबसे धीमी रफ्तार से Alphabet का ग्रोथ रेट बढ़ा है। विशेषज्ञ नौ फीसदी ग्रोथ रेट का अनुमान जता रहे पर इसमें केवल छह फीसदी की दर से वृद्धि हुई है। गूगल के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट ने भी टेक सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी ने हा है कि उसके क्लाउड बिजनेस में सबसे बड़ा स्लोडाउन दिख सकता है।
अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट के निराश करने वाले प्रदर्शन के बाद दोनों ही कंपनियों के शेयरो में छह से सात फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। नतीजे घोषित करने के बाद निवेशकों को अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि विज्ञापन बाजार इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है।
यूट्यूब के विज्ञान से होने वाली आमदनी में दो फीसदी की कमी दर्ज की गई है और यह 7.1 अरब डॉलर रह गया है। एनालिस्ट इसके 4.4 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना जता रहे थे। 2020 के बाद से ये कंपनी के एड सेल्स में आई सबसे बड़ी गिरावट है। टेक कंपनियों के खराब नतीजों का नकारात्मक असर नौकरियोंं पर पड़ने लगा है। कंपनियों के प्रदर्शन से अब उनका हायरिंग प्रोसेस भी प्रभावित होने लगा है। अल्फाबेट की ओर से कहा गया है कि वह अपनी नियुक्ति योजना में 50 फीसदी से अधिक की कटौती करने वाली है। ऐसे में आने वाले समय में कई और कंपनियों में छंटनी हो सकती है।