अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी जारी रहने के बीच गूगल की जापान शाखा के कर्मचारियों ने यूनियन बना ली है। जापान में इस तरह की कोई ट्रेड यूनियन बनने का यह पहला मौका है। इसका नाम गूगल जापान यूनियन रखा गया है। अमेरिकी टेक कंपनियों ने अमेरिका स्थित कर्मचारियों की छंटनी करने के बाद अब विदेशों में स्थित अपनी शाखाओं में भी ऐसे कदम उठा रही हैं।
जापान में भी कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी का अंदेशा है। इसे देखते हुए गूगल जापान यूनियन ने इस हफ्ते कंपनी अधिकारियों को एक पत्र भेजा। उसमें उन्होंने कहा कि ऐसे किसी कदम के पहले यूनियन को ‘सामूहिक सौदेबाजी’ का मौका मिलना चाहिए। यूनियन का दावा है कि गूगल के दर्जनों कर्मचारी उससे जुड़ चुके हैं और जल्द ही दर्जनों और कर्मचारी उसका हिस्सा बनेंगे।
गूगल की मालिक कंपनी अल्फाबेट ने इस वर्ष जनवरी में एलान किया था कि वह अपने 12 हजार कर्मचारियों को नौकरी से हटाएगी। यह संख्या गूगल में काम करने वाले कुल कर्मचारियों का छह प्रतिशत है। गूगल जापान यूनियन के अध्यक्ष शिन्जी ओकुयामा ने बताया कि उनकी तरफ से फरवरी में कंपनी को एक पत्र भेजा गया था। उसमें कंपनी को बताया गया था कि कर्मचारी मार्च में एक सूचना उसे देंगे। अब कंपनी को आधिकारिक तौर पर यूनियन के गठन के बारे में बता दिया गया है।
कर्मचारियों के मुताबिक जब गूगल ने दूसरी जगहों पर छंटनी शुरू की, तो जापान स्थित कर्मचारियों में भी डर फैल गया। इसकी वजह से यूनियन बनाने की कोशिश को कंपनियों का पूरा समर्थन मिला है। इस बीच इस गुरुवार को गूगल के जापान स्थित कई कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से एक ई-मेल मिला। इसमें कहा गया कि अगर कर्मचारी 14 दिन के भीतर इस्तीफा दे देने का फैसला करें, तो उन्हें अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। साथ ही उन्हें दूसरी नौकरी दिलवाने में कंपनी मदद करेगी। उसके बाद से कई कर्मचारियों को प्रबंधकों के साथ सीधी बातचीत में शामिल होने के लिए बुलाया जा चुका है।
टोक्यो मैनेजर्स यूनियन के महासचिव अकाई जिम्बू ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा कि अभी कंपनी जो कर रही है, उसमें कोई गैर-कानूनी बात नहीं है। लेकिन इसका यही मतलब समझा जाएगा कि कंपनी कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। गूगल जापान यूनियन को इसी यूनियन के मातहत संगठित किया गया है।
कई कर्मचारियों ने मीडियाकर्मियों से कहा कि प्रबंधकों के साथ सीधी बातचीत में वे शामिल नहीं होंगे। अब सारी बातचीत यूनियन के जरिए ही की जाएगी। इस बीच खबर है कि दुनिया भर में स्थित दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों ने आपस में संवाद का एक माध्यम कायम किया है। इसके जरिए हटाए जाने वाले कर्मचारियों की संख्या और उनसे संबंधित दूसरी सूचनाएं वे आपस में साझा कर रहे हैं। अमेरिका में गूगल के कर्मचारियों अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन के नाम से पहली बार अपनी यूनियन 2021 में बनाई। यह यूनियन कर्मचारियों की छंटनी का लगातार विरोध कर रही है।
अमेरिका में हायर एंड फायर की नीति के तहत कंपनियों को मनचाहे ढंग कर्मचारियों को हटाने का अधिकार है। लेकिन जापान में इस बारे में नियम अधिक सख्त हैँ। यहां स्थित कर्मचारियों को आशा है कि उन्हें इन नियमों का लाभ मिलेगा।