राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों में शुक्रवार से शुरू हुआ फ्लैक्सी किराया फार्मूला वापस लिया जा सकता है। विपक्ष के तीखे हमलों के बीच भाजपा की ओर से जताई गई नाराजगी के बाद रेलवे ने अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया है।
भाजपा की ओर से रेलमंत्री सुरेश प्रभु को यह संदेश भिजवाया गया था कि इस फार्मूले के लागू होने से न सिर्फ सरकार की छवि को धक्का लगेगा, बल्कि इससे मध्यम वर्ग के नाराज होने का भी खतरा है।
बताते हैं कि खुद रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा हवाई यात्रा किराया फार्मूला की तरह रेल यात्रा में चुनिंदा ट्रेनों में इस फार्मूले को लागू करने पर सहमत नहीं थे।
पार्टी सूत्र के मुताबिक भाजपा की ओर से रेल मंत्रालय को अपनी आपत्ति दर्ज करा दी गई है। पार्टी का मानना है कि रेलवे इस फार्मूले के तहत एक साल में अधिकतम 500 करोड़ रुपये ही अतिरिक्त मुनाफा कमा सकती है, मगर इसका असर बेहद बुरा होगा।