वैश्विक बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से पीली धातु की चमक फीकी पड़ गई जिससे राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को सोने की कीमत में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारी गिरावट आई और यह 1,250 रुपये टूटकर 78,150 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली यह बहुमूल्य धातु सोमवार को 1,000 रुपए की गिरावट के साथ 79,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी व करेंसी) जतिन त्रिवेदी ने कहा, "सोने का भाव अस्थिर रहा और एमसीएक्स पर यह 74,850-75,500 रुपये के बीच कारोबार कर रहा था, क्योंकि मध्य पूर्व में तनाव कम होने से युद्ध प्रीमियम में कमी आई।" त्रिवेदी ने कहा कि बाजार सहभागियों की ओर से वैश्विक घटनाक्रमों का आकलन करने के कारण सर्राफा में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है।
इस बीच, दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी अनुबंध की कीमत 698 रुपये या 0.8 प्रतिशत बढ़कर 88,397 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पहले 87,699 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स सोना वायदा 13.40 डॉलर प्रति औंस या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 2,656 डॉलर प्रति औंस हो गया।
सोमवार को बहुमूल्य धातु 100.80 डॉलर प्रति औंस या 3.71 प्रतिशत गिरकर 2,615.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी, क्योंकि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी वस्तुओं पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ और मैक्सिको तथा कनाडा से सभी आयातों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही थी, जिससे डॉलर में भारी तेजी आई थी।
एशियाई बाजार में चांदी भी 0.94 प्रतिशत बढ़कर 30.95 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के ईबीजी- कमोडिटी व करेंसी रिसर्च के उपाध्यक्ष प्रणव मेर के अनुसार, व्यापारियों की नजर फेडरल रिजर्व की नवंबर की बैठक के विवरण, अमेरिकी जीडीपी के संशोधित अनुमान और कोर व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मूल्य सूचकांक आंकड़ों पर रहेगी, जिनसे अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत दृष्टिकोण के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।