क्या बेकार हो जाएगा घर पर पड़ा सोना?
अब लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनके घर में पड़े सोने का क्या होगा। सालों पहले खरीदा हुआ सोना हॉलमार्क न होने पर क्या बरबाद हो जाएगा? मालूम हो कि सोने की हॉलमार्किंग का घर में रखे सोने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आप पहले की ही तरह अपने घर में सोना आसानी से रख सकते हैं। हॉलमार्किंग का नियम सुनार के लिए है।
नए नियम का सोने की कीमत पर क्या पड़ेगा असर?
देश में सोना पहले ही बेहद महंगा है। अब आम जनता के मन में यह सवाल है कि गोल्ड हॉलमार्किंग का नियम लागू होने से क्या इसकी कीमत और बढ़ जाएगी? यह बेहद अहम है क्योंकि जो लोग सालों से सोना खरीदने के लिए पैसे जमा कर रहे थे, उन्हें अब और समय लग सकता है। इस संदर्भ में विशेषज्ञ कहते हैं कि कारोबारी सोने के गहने की हॉलमार्किंग की लागत ग्राहकों से वसूल सकते हैं।
कितना आता है हॉलमार्किंग का खर्च?
मालूम हो कि गहने की हॉलमार्किंग की लागत 35 रुपये है। ऐसे में ग्राहक जितने आइटम खरीदेंगे, उन्हें अतिरिक्त रकम चुकानी पड़ सकती है। इसके अतिरिक्त इस पर टैक्स भी लगता है। इसलिए माना रहा है कि ग्राहकों को एक आइटम खरीदने पर 35 रुपये और चुकाने पड़ सकते हैं। बीआईएस लैब में गहनों की शुद्धता जांचने के लिए या हॉलमार्क के लिए छह से आठ घंटों तक का समय लगता है। ज्वैलरी पर बीआईएस का निशान, हॉलमार्किंग केंद्र का लोगो, सोने की शुद्धता लिखी होगी। साथ ही ज्वैलरी कब बनाई गई, इसका साल और ज्वैलर का लोगो भी उस पर रहेगा।
नियम का उल्लंघन करने पर क्या होगी कार्रवाई?
नए कानून के तहत जुर्माने की राशि और जेल दोनों का प्रावधान है। अगर कोई भी ज्वैलर बिना हॉलमार्किंग के गोल्ड ज्वैलरी बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक साल की जेल के अतिरिक्त उस पर गोल्ड ज्वैलरी की वैल्यू की पांच गुना तक पेनल्टी भी लगाई जा सकती है।