Omicron Effect On Global Supply Chain: कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। देश के कई राज्यों में इसके चलते प्रतिबंधों को फिर से लागू किया जा रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया है, वहीं अब भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी इंडिया) ने भी ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों से वैश्विक आपूर्ति श्रंखला के बाधित होने की चिंता जाहिर की है।
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। देश के कई राज्यों में इसके चलते प्रतिबंधों को फिर से लागू किया जा रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया है, वहीं अब भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी इंडिया) ने भी ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों से वैश्विक आपूर्ति श्रंखला के बाधित होने की चिंता जाहिर की है।
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ईईपीसी इंडिया ने का कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का प्रकोप बढ़ने से एक बार फिर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है, जिसका असर व्यापारिक गतिविधियों में मंदी के रूप में सामने आ सकता है। इंजीनियरिंग सामान के निर्यात में दिसंबर, 2021 के दौरान सालाना आधार पर 38 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 38.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष महेश देसाई ने शुक्रवार को कहा कि लगातार वृद्धि से पता चलता है कि यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की राह पर है।
देसाई ने कहा कि आने वाले वक्त के लिए ऑर्डर अच्छे हैं, लेकिन यदि ओमीक्रोन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करता है, तो हम कुछ वक्त के लिए मंदी का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने दुनियाभर में महामारी के प्रकोप के चलते हाल के हफ्तों में अस्थिरता और अनिश्चितता के कुछ संकेत देखे हैं, लेकिन सरकार उपयुक्त नीतिगत उपायों के जरिये व्यापार को गति दे सकती है। उन्होंने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और लॉजिस्टिक लागत को कम करने के लिए सरकार से तत्काल कार्रवाई की सरकार से अपील भी की है।