यह समस्या कैसे पैदा हुई?
महामंदी के बाद करीब एक दशक तक जॉब ओपनिंग्स और हायरिंग लगभग साथ-साथ चलती रहीं। 2010 से 2019 तक अंतर सीमित था और ज्यादातर मामलों में 10 फीसदी से कम रहता था। महामारी के दौरान दोनों में गिरावट आई, लेकिन रिकवरी भी साथ-साथ हुई। असली टूट 2021 में आई, जब कंपनियों ने रिकॉर्ड संख्या में नौकरियां दिखाईं, लेकिन वास्तविक भर्तियां उसी अनुपात में नहीं बढ़ीं।
क्यों पोस्ट की जाती हैं घोस्ट जॉब्स?
विशेषज्ञों के अनुसार हर खाली पद जानबूझकर फर्जी नहीं होता। कई कंपनियां भविष्य के लिए उम्मीदवारों का डाटाबेस बनाने के लिए पद खुले रखती हैं। कुछ जगह बजट फ्रीज, आंतरिक मंजूरियों में देरी या प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण भर्तियां अटक जाती हैं। वहीं स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में योग्य कर्मियों की कमी भी एक कारण है। लेकिन इसके बावजूद, जिस पैमाने पर यह अंतर दिख रहा है, वह संकेत देता है कि बड़ी संख्या में लोग ऐसी नौकरियों के पीछे भाग रहे हैं, जो शायद कभी थीं ही नहीं।
नौकरी तलाशने वालों पर असर
इस प्रवृत्ति का सबसे बड़ा नुकसान नौकरी चाहने वालों को हो रहा है। सैकड़ों आवेदन, इंटरव्यू की तैयारी और फिर कोई जवाब नहीं यह न सिर्फ समय की बर्बादी है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहा है। अमेरिका में टेक सेक्टर के एक जॉबसीकर एरिक थॉम्पसन का अनुभव इसका उदाहरण है। नौकरी छूटने के बाद उन्होंने महीनों तक सैकड़ों आवेदन किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि कई नौकरियां वास्तव में मौजूद ही नहीं थीं।
कानूनी पहल की मांग
थॉम्पसन ने इस समस्या के खिलाफ आवाज उठाते हुए 'ट्रूथ इन जॉब एडवर्टाइजिंग एंड अकाउंटेबिलिटी एक्ट' नाम से प्रस्तावित कानून का मसौदा तैयार करने में भूमिका निभाई है। इसमें नौकरी विज्ञापनों के लिए एक्सपायरी डेट, ऑडिट योग्य हायरिंग रिकॉर्ड और भ्रामक विज्ञापन देने वाली कंपनियों पर जुर्माने का प्रावधान शामिल है। अमेरिका के न्यू जर्सी और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में भी घोस्ट जॉब्स पर रोक लगाने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं।
भरोसे का संकट
विश्लेषकों का कहना है कि कागजों पर मजबूत दिखने वाला अमेरिकी श्रम बाजार हकीकत में उतना ठोस नहीं है। जब तक जॉब पोस्टिंग्स वास्तविक भर्ती को सही ढंग से नहीं दर्शाएंगी, तब तक नौकरी तलाशने वाले गैर-मौजूद अवसरों के पीछे भागते रहेंगे और श्रम बाजार पर भरोसा धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा।