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केंद्र सरकार को लग सकता है झटका, RBI ने घटाया जीडीपी का अनुमान

Wed, 07 Aug 2019 01:40 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान 6.9 फीसदी कर दिया है
  • मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया
  • इससे सरकार के 50 खरब इकोनॉमी बनने की कवायद को झटका लग सकता है
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विस्तार
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बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। इससे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पांच ट्रिलियन यानी 50 खरब इकोनॉमी बनने की कवायद को झटका लग सकता है।

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आईएमएफ ने भी घटाया था विकास दर का अनुमान

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी वित्त वर्ष 2019 और 2020 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को घटाया था। आईएमएफ ने अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक अपडेट में वित्त वर्ष 2019 के लिए सात फीसदी और 2020 में 7.2 फीसदी का अनुमान लगाया था। इसमें 0.30 फीसदी की कटौती की गई थी। इससे भारत की घरेलू डिमांड अनुमान से ज्यादा कमजोर रहने के संकेत मिलते हैं। 

खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान

इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2020 की दूसरी छमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति 3.5 से 3.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। वहीं दूसरी तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है। 

मजबूत अर्थव्यवस्था की सूची में भारत दो पायदान लुढ़का

इससे पहले भारत से दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज भी छिन गया था। साल 2018 में अर्थव्यवस्था सुस्त रहने की वजह से विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत अब सातवें पायदान पर पहुंच गया है। विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था महज 3.01 फीसदी बढ़ी है। वहीं साल 2017 में अर्थव्यवस्था में 15.23 फीसदी का इजाफा देखा गया था। 

अगर अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर देखने को या फिर धीमी रफ्तार रहेगी तो इसका असर भविष्य में भी देखने को मिलेगा। फिलहाल देश में कई सेक्टरों में उत्पादन लगभग ठप हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग पुराने स्टॉक को भी नहीं खरीद रहे हैं। 50 खरब इकोनॉमी बनाने के लिए विकास दर में तेजी रखने के लिए कोशिशों को जारी रखना होगा। 

रेपो रेट में भी की कटौती

इसके अतिरिक्त मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में लगातार चौथी बार रेपो रेट में कटौती की गई है। फैसले के अनुसार रेपो रेट को घटाकर 5.40 फीसदी कर दिया गया है। नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम हुआ है। आरबीआई ने रेपो रेट में 35 आधार अंकों की कटौती की है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो रेट को 5.15 फीसदी कर दिया है। 

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