एशिया के सबसे सबसे अमीर व्यक्ति और दुनिया के छठे सबसे रईस इंसान गौतम अडानी अब एक बड़ा कदम उठा रहे हैं। दरअसल, एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन्स (एपीएसईजेड) लिमिटेड की अनुषंगी अडाणी हार्बर सर्विसेस ने तृतीय पक्ष समुद्री सेवा प्रदाता कंपनी ओशन स्पार्कल लिमिटेड (ओएसएल) के अधिग्रहण के लिए करार किया है।
शेयरधारकों को मिलेगा इसका लाभ
एपीएसईजेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक करण अडानी ने इस सौदे के संबंध में जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों के तालमेल को देखकर कहा जा सकता है कि समेकित व्यवसाय बेहतर मुनाफे के साथ पांच वर्षों में दोगुना होने की संभावना है, जिसका लाभ अडाणी पोर्ट्स के शेयरधारकों को मिलेगा।
इस तरह से किया जाएगा भुगतान
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की ओर से शुक्रवार को शेयर बाजार के साथ साझा की गई जानकारी में बताया गया कि भारतीय अरबपति गौतम अडानी की अगुवाई वाली कंपनी ओएसएल में 75.69 प्रतिशत हिस्सेदारी के प्रत्यक्ष अधिग्रहण के लिए 1,135.30 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इसके साथ ही 24.31 प्रतिशत हिस्सेदारी के अप्रत्यक्ष अधिग्रहण के लिए 394.87 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इसमें कहा गया कि ये पूरा लेन-देन एक महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
1700 करोड़ है ओएसएल का उद्यम मूल्य
ओएसएल कंपनी की स्थापना 1995 में समुद्री टेक्नोक्रेट्स के एक समूह द्वारा की गई थी, जिसमें पी जयराज कुमार अध्यक्ष और एमडी थे, जो ओएसएल बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में बने रहेंगे। करण अडानी ने कहा कि इस अधिग्रहण से कंपनी की भारत के समुद्री सेवा बाजार में हिस्सेदारी बढ़ेगी और अन्य देशों में मौजूदगी दर्ज करवाने के लिए एक मंच भी मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ओएसएल का उद्यम मूल्य 1,700 करोड़ रुपये है और ये स्वयं के 94 पोतों और तृतीय पक्ष स्वामित्व वाले 13 पोतों के साथ बाजार की अगुआई करता है।