वॉशिंगटन पोस्ट
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अंतरराष्ट्रीय टीम पर सबसे गहरा असर
छंटनी का सबसे बड़ा प्रभाव वॉशिंगटन पोस्ट की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग टीम पर पड़ा है। पश्चिम एशिया की पूरी टीम को हटा दिया गया है, जबकि दिल्ली, बीजिंग, कीव, लैटिन अमेरिका और बर्लिन जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो या तो बंद कर दिए गए हैं या उन्हें बेहद सीमित कर दिया गया है। यरुशलम ब्यूरो प्रमुख गेरी शिह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सात वर्षों तक दुनिया भर में रिपोर्टिंग करना उनके जीवन का खास अनुभव रहा। उन्होंने लिखा कि आज का दिन दुखद है, लेकिन हमने सच्ची पत्रकारिता की।
सांकेतिक तस्वीर
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टेक सेक्टर में भी रिकॉर्ड स्तर पर नौकरियां गईं
2025 में दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों ने कुल मिलाकर 1.2 लाख से अधिक नौकरियां खत्म कर दीं। यह कटौती किसी एक देश या सेक्टर तक सीमित नहीं रही, बल्कि चिप निर्माण, आईटी सर्विसेज, टेलीकॉम, क्लाउड और सॉफ्टवेयर हर क्षेत्र में देखने को मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह लागत नियंत्रण, कारोबारी पुनर्गठन और एआई पर तेजी से बढ़ता फोकस है, जो मानव श्रम की जगह ऑटोमेशन को बढ़ावा दे रहा है।
इंटेल
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इंटेल
सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंटेल ने 2025 में सबसे बड़ी छंटनी की। कंपनी ने करीब 24,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। यह कदम वित्तीय स्थिति को स्थिर करने और खुद को एक फाउंड्री-केंद्रित बिजनेस मॉडल में बदलने की रणनीति का हिस्सा बताया गया। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भारी निवेश लागत ने कंपनी पर दबाव बढ़ा था।
टीसीएस
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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस)
वेरिजोन
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वेरिजोन
अमेरिकी टेलीकॉम कंपनी वेरिजोन ने लागत घटाने और परिचालन ढांचे को सरल बनाने के लिए करीब 15,000 पदों में कटौती की। कंपनी 5G नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं पर निवेश बढ़ा रही है, जिसके चलते पुराने ऑपरेशनल रोल्स कम किए गए।
ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर
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एक्सेंचर
कंसल्टिंग और आईटी सेवाओं की वैश्विक दिग्गज एक्सेंचर ने लगभग 11,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। कंपनी का कहना है कि क्लाइंट्स की मांग अब पारंपरिक कंसल्टिंग से हटकर जनरेटिव AI और ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते वर्कफोर्स स्ट्रक्चर में बदलाव जरूरी हो गया।
एसएपी
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एसएपी
जर्मनी की सॉफ्टवेयर कंपनी एसएपी ने 10,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की। कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस एआई पर फोकस कर रही है और इसी रणनीतिक बदलाव के तहत संसाधनों का पुनर्विन्यास किया जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट
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माइक्रोसॉफ्ट
माइक्रोसॉफ्ट ने गेमिंग, Azure क्लाउड और अन्य डिवीजनों में करीब 9,000 पद घटाए। कंपनी का जोर लंबी अवधि के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर है, जिसके चलते कुछ टीमों का आकार घटाया गया।
तोशिबा
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तोशिबा
जापान की बहुराष्ट्रीय कंपनी तोशिबा ने निजीकरण के बाद अपने पुनर्गठन अभियान के तहत 5,000 कर्मचारियों की छंटनी की। इसका मकसद संचालन को अधिक कुशल और लाभकारी बनाना बताया गया।
सिस्को
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सिस्को
नेटवर्किंग उपकरण बनाने वाली सिस्को ने 4,250 नौकरियों में कटौती की। कंपनी अब साइबर सुरक्षा और एआई आधारित नेटवर्क सॉल्यूशंस पर निवेश बढ़ा रही है, जिससे पारंपरिक हार्डवेयर से जुड़ी भूमिकाएं प्रभावित हुईं।
अमेजन
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अमेजन में 2026 की शुरुआत भी अनिश्चित
ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने 2026 की शुरुआत में ही 16,000 कॉरपोरेट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। इससे पहले अक्तूबर में 14,000 पद खत्म किए गए थे। यानी चार महीनों से भी कम समय में कुल 30,000 नौकरियां चली गईं।
कंपनी की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बेथ गैलेटी ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि हर कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना नहीं है, लेकिन बदलती कारोबारी जरूरतों के हिसाब से समायोजन जारी रहेंगे।
ओरेकल
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ओरेकल पर एआई निवेश का दबाव
तकनीक की दिग्गज कंपनी ओरेकल भी अपने इतिहास के कठिन दौर में है। ओपनएआई के साथ अरबों डॉलर की साझेदारी के बाद एआई डेटा सेंटर्स के विस्तार के लिए नकदी जुटाने का दबाव बढ़ा है। निवेश बैंक टीडी कोवेन की रिपोर्ट के अनुसार, ओरेकल 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, जिससे कंपनी को 8 से 10 अरब डॉलर का कैश फ्लो मिल सकता है।
डब्ल्यूईएफ
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नौकरियों का अंत या नया अवसर?
विश्व आर्थिक मंच के एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया भर की 41% कंपनियां अगले पांच वर्षों में एआई के कारण अपने वर्कफोर्स में कटौती की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि, इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बिग डेटा, फिनटेक और AI से जुड़ी नौकरियां 2030 तक दोगुनी हो सकती हैं।