वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय पहले ही इस मामले में राजस्व विभाग से संपर्क कर चुका है। हम मौजूदा डाटाबेस में से एक का उपयोग करने की ओर बढ़ रहे हैं, जो पहले ही सरकार के पास उपलब्ध है। संभवत: वह पैन नंबर होगा।
सरकार केंद्र और राज्यों के विभागों द्वारा विभिन्न मंजूरियों के लिए राष्ट्रीय एकल खिड़की (सिंगल विंडो) प्रणाली के तहत आवेदन करने के लिए अन्य डाटा की जगह पैन के इस्तेमाल की इजाजत दे सकती है। इस समय ईपीएफओ, ईएसआईसी, जीएसटीएन, टिन, टैन और पैन जैसी 13 से अधिक व्यावसायिक आईडी का इस्तेमाल आवेदन करने को किया जा रहा है।
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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय पहले ही इस मामले में राजस्व विभाग से संपर्क कर चुका है। हम मौजूदा डाटाबेस में से एक का उपयोग करने की ओर बढ़ रहे हैं, जो पहले ही सरकार के पास उपलब्ध है। संभवत: वह पैन नंबर होगा।
पैन के साथ कंपनी के बारे में बहुत सारे बुनियादी आंकड़े, इसके निदेशक, पता और बहुत सारे सामान्य डाटा पहले से ही उपलब्ध हैं। सिंगल विंडों प्रणाली का मकसद विभिन्न मंत्रालयों को सूचना देने की प्रक्रिया में दोहराव को कम करना, अनुपालन बोझ घटाना, परियोजनाओं की अवधि में कटौती और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना है।