केंद्र सरकार जल्द ही किराना स्टोर या फिर रेस्टोरेंट खोलने जा रहे कारोबारियों को नई सौगात देने पर विचार कर रही है। इसके अनुसार जल्द ही ऐसे कारोबारियों को अपना व्यापार शुरू करने के लिए ज्यादा लाइसेंस नहीं लेने पड़ेंगे।
लेने पड़ती हैं 28 तरह की मंजूरी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किराना स्टोर को खोलने से पहले 28 तरह की अलग-अलग मंजूरी और लाइसेंस लेने पड़ते हैं। वहीं ढाबा या फिर रेस्टोरेंट खोलने से पहले 17 तरह के लाइसेंस लेना होता है। इसके बाद ही कोई भी अपना व्यापार शुरू कर सकता है।
ईज ऑफ डूइंग को बढ़ावा देना मकसद
सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना चाहती है। इस लिए वो नियमों में ढील देना चाहती है, ताकि लोग आसानी से अपना खुद का कारोबार कर सकें। अभी ऐसे लोगों को लाइसेंस लेने या फिर उसका नवीनीकरण कराने में ही ज्यादा समय बीतता है।
किराना कारोबारियों को लेने पड़ते हैं यह लाइसेंस
किराना कारोबारियों को जो 28 लाइसेंस लेने पड़ते हैं उनमें प्रमुख तौर पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन के अलावा शॉप्स एंड इस्टैबलिशमेंट्स एक्ट, इनसेक्टिसाइड्स और नाप-तौल विभाग से मंजूरी लेना आवश्यक है। वहीं रेस्टोरेंट खोलने से पहले 17 लाइसेंस लेने पड़ते हैं, जिनमें प्रमुख तौर पर फायर डिपार्टमेंट से एनओसी, बोर्ड लगाने की मंजूरी, नगर निगम या फिर पालिका से मंजूरी, संगीत बजाने के लिए लाइसेंस और फूड रेग्यूलेटर से एफएसएसएआई से मंजूरी शामिल हैं। वहीं चीन या सिंगापुर जैसे देशों में रेस्टोरेंट खोलने के लिए चार तरह की मंजूरी लेनी पड़ती हैं।
हथियार लेना ज्यादा सरल
जहां हथियार खरीदने से पहले लाइसेंस लेने के लिए केवल 13 डॉक्यूमेंट्स जमा करने होते हैं, वहीं सैंडविच बेचने वाले रेस्टोरेंट को 24 अलग-अलग तरह के डॉक्यूमेंट्स जमा करने पड़ते हैं।
नहीं कराना पड़ेगा लाइसेंस का नवीनीकरण
सरकार का कहना है कि वो नियमों में जो ढील देने जा रही है, उसमें रेस्टोरेंट या फिर किराना स्टोर को अपने लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं कराना होगा।