खाद्य सुरक्षा व गुणवत्ता को एमएसएमई के दायरे में रखकर इस क्षेत्र में 50 मल्टी-प्रोडक्ट फूड इरेडिएशन इकाइयां स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता का एलान किया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षण और शोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त 100 खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा परीक्षण प्रयोगशालएं स्थापित करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। देशभर में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को बढ़ाने में इनका अहम योगदान होगा।
संकट के दौरान में ऋण सहायता
संकट की स्थिति में एमएसएमई को बैंक ऋण जारी रखने की एक नई व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके तहत नियंत्रण से बाहर के कारणों के चलते जब किसी एमएसएमई के ऋण को स्पेशल मेंशन अकाउंट (एसएमए) घोषित किया जाएगा, तो कारोबार जारी रखने और ऋण को एनपीए में जाने से बचाने के लिए भी नए ऋण की व्यवस्था की जाएगी।
व्यापार प्राप्तियों को नगद में बदलकर कार्यशील पूंजी बढ़ाने की सहूलियत देने के लिए ट्रेड रिसीवेबल इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम प्लेटफॉर्म पर शामिल होने के लिए टर्नओवर की सीमा को 500 करोड़ से घटाकर 250 करोड़ किया है। इस बदलाव से 22 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और 7 हजार अन्य कंपनियां इस प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगी।
मुद्रा योजना में अब दोगुना ऋण
प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना (पीएमएमवाई) के तहत तरुण श्रेणी में ऋण की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया है। बढ़ी हुई सीमा के साथ वे उद्यमी इस ऋण सुविधा का लाभ ले पाएंगे, जिन्होंने तरुण श्रेणी में पहले लिए गए ऋण को चुका दिया है। छोटे कारोबारियों के लिए यह बड़ी राहत पहुंचाने वाला कदम है। इससे सूक्ष्म और लघु उद्योगों व छोटे व्यापारियों को अपने विस्तार और कारोबार को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
दुनिया के बाजारों तक पहुंचेंगे पारंपरिक उत्पाद
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम आकार के उद्योगों व पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद करने के लिए सरकार ने निजी क्षेत्र के साथ भागीदारी का एलान किया है। इसके तहत कारीगरों को अपने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने में सक्षम बनाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र स्थापित किए जाएंगे। एक निर्बाध विनियामक और लॉजिस्टिक फ्रेमवर्क के तहत ये केंद्र एक छत के नीचे व्यापार और निर्यात दोनों सेवाओं देंगे।
एमएसएमई के लिए घोषणाएं
9,813 करोड़ आपातकालीन क्रेडिट लाइन के तहत ऋण सुविधा देने के लिए
1,170 करोड़ एमएसएमई रैंप योजना के तहत बजट आवंटन
250 करोड़ हई ट्रेड्स प्लेटफॉर्म टर्नओवर की सीमा
100 खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा परीक्षण प्रयोगशालएं की जाएंगी स्थापित
22 सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम जुड़ेंगे ट्रेड्स प्लेटफॉर्म से
100 औद्योगिक पार्क बनेंगे
देश के विकास और रोजगार सृजन में अहम योगदान देने वाले विनिर्माण(मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 100 शहरों में प्लग एंड प्ले पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्लग एंड प्ले सुविधा वाले पार्क में मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी तमाम सुविधाएं जैसे कि भवन, बिजली, पानी, कच्चे माल की उपलब्धता, तैयार माल को बाजार तक या पोर्ट तक ले जाने की सुविधा पहले से मौजूद होती है। उद्यमी को वहां सिर्फ मशीन लगाकर उत्पादन शुरू करना होता है। चीन व अन्य देशों में वर्षों से प्लग एंड प्ले मॉडल पर मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। कारोबार बड़ा होने पर कारोबारी दूसरी जगह बड़े स्तर पर यूनिट लगा सकते हैं। भारत में भी लंबे समय से ऐसे पार्कों की मांग हो रही थी। इसके साथ ही राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 12 नए इंडस्टि्रयल पार्क भी शुरू किए जाएंगे। इनके विकास में राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी रहेगी। हालांकि, यह पार्क कहां बनेंगे इस पर कोई घोषणा अभी नहीं की गई है।
रोजगार के नए अवसर
विशेषज्ञों की मानें तो इस योजना के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। इससे क्षेत्र में देश-विदेश के निवेशक रुचि लेंगे और निवेश को गति मिलेगी। हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। लोगों की आय बढ़ेगी। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
व्यापार सुविधा की दिशा में कदम
घरेलू विमानन और नाव तथा जलयान के एमआरओ उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मरम्मत के लिए आयात की गई वस्तुओं के निर्यात के लिए समयावधि को छह महीनों से बढ़ाकर एक वर्ष करने का प्रस्ताव। वारंटी वाली वस्तुओं को मरम्मत के लिए पुनः आयात करने की समय-सीमा को 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष करने का प्रस्ताव।
आईटी, इलेक्ट्रॉनिक व टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा प्रोत्साहन
अहम खनिज (क्रिटिकल मिनरल) मिशन के तहत सरकार ने आईटी, इलेक्ट्रॉनिक व टेलीकॉम से जुड़े उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लीथियम, कोबाल्ट समेत 25 अहम खनिजों के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया है। इसके अलावा इनके घरेलू उत्पादन, रिसाइक्लिंग और विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक का अधिग्रहण करने के लिए महत्वपूर्ण खनिज मिशन स्थापित किया जाएगा। सरकार विदेशों में इन खनिजों की खोज व पहले से खोजे गए ब्लॉकों की नीलामी में हिस्सा लेना शुरू करेगी। रेयर अर्थ एलिमेंट को छोड़कर शेष खनिजों पर पहले 2.5 से 10 फीसदी के बीच में सीमा शुल्क था। सिलिकॉन क्वार्ट्ज और सिलिकॉन डाइऑक्साइड पर सीमा शुल्क 5-7.5 फीसदी से घटाकर 2.5% कर दिया गया है। ग्रेफाइट के लिए कर 5-7.5 से घटाकर 2.5% कर दिया गया है।