वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर सोमवार को पेश किए गए दो अहम टैक्स बिल सोमवार को ही बिना किसी बहस के पारित हो गए। लोकसभा ने सोमवार को कराधान से संबंधित दो विधेयकों- आयकर (संख्या 2) विधेयक और कराधान कानून (संशोधन) विधेयक- को विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच पारित कर दिया।
इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में आयकर विधेयक का संशोधित संस्करण पेश किया था। नए बिल में बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति की अधिकांश सिफारिशें शामिल हैं। यह कदम पिछले हफ्ते सरकार की ओर से आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने के फैसले के बाद उठाया गया है।
नए बिल को छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने के लिए 13 फरवरी को पेश किया गया था। इसे प्रवर समिति की सिफारिशों के बाद सरकार ने वापस ले लिया था। 11 अगस्त को पेश किए गए नए मसौदे का उद्देश्य सांसदों को एक एकल और अपडेटेड संस्करण प्रदान करना है। इसमें प्रवर समिति की ओर से सुझाए गए अधिकांश बदलाव शामिल किए गए थे।
लोकसभा में नया आयकर विधेयक 2025 बिना किसी बहस के पारित होने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "यह भाजपा के काम करने का तरीका है। सदन में बिना किसी चर्चा के इतना बड़ा फैसला ले लिया गया... उनकी विदेश नीति देखिए, टैरिफ पर टैरिफ, हमारा पूरा कारोबार चीन पर निर्भर है, तो वे किस तरह का संशोधन कर रहे हैं? कोई सोच भी नहीं सकता था कि 20,000 प्राथमिक स्कूल बंद हो जाएंगे। अगर गरीब बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं, तो कोई भी आयकर बिल आपको खुशी नहीं दे सकता?"
संसदीय पैनल ने नए आयकर बिल की ड्राफ्टिंग में कई त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाया था। गलतफहमियों को कम करने के लिए संशोधनों का सुझाव दिया था, ये सुझाव हैं-
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया। इसका उद्देश्य एकीकृत पेंशन योजना के अंशधारकों को कर छूट प्रदान करना है। लोकसभा में प्रस्तुत विधेयक में आयकर तलाशी मामलों के संबंध में ब्लॉक मूल्यांकन योजना में परिवर्तन करने और सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोषों को कुछ प्रत्यक्ष कर लाभ प्रदान करने का प्रावधान भी शामिल है।
कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 के जरिए आयकर अधिनियम, 1961 में और वित्त अधिनियम, 2025 में संशोधन करने की कोशिशों के तहत है। सरकार ने जुलाई में बताया था कि नई पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत उपलब्ध सभी कर लाभ एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) पर भी लागू होंगे। इसे 1 अप्रैल, 2025 से लागू किया गया था।