वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को राज्यसभा में एक बहस का जवाब देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था में किसी तरह की कोई मंदी नहीं है। हालांकि उन्होंने यह माना कि सुस्ती है, जिसकी वजह से विकास दर में कमी देखने को मिली है।
आनंद शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान, विकास दर में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। 2009-14 में जहां विकास दर 6.4 फीसदी थी, वहीं 2014-19 में 7.5 फीसदी रही थी। पूंजी की तरलता में कमी की बात को दरकिनार करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपये का लोन बांटा है।
वित्तमंत्री ने 20 अगस्त 2019 को वाराणसी में कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की तुलना में बेहतर है। ऑटो सेक्टर में कर्मचारियों की छंटनी की खबरों पर कहा कि इस क्षेत्र से जुड़े लोगों से बातचीत कर इसका हल निकाला जा रहा है। उनकी समस्याएं सुनने के साथ ही उसका हर संभव समाधान भी कराया जाएगा।
रक्षा बजट पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि पिछले चार साल में रक्षा क्षेत्र में अधिक खर्च किया गया है। यह सच है कि वर्ष 2014 से पहले रक्षा क्षेत्र में कोई खरीदारी नहीं हुई। अब उसकी भरपाई कर आगे बढ़ना है। चाहे जितना खर्च हो जाए, इसकी परवाह नहीं है।