भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में केंद्रीय निदेशक मंडल की 587वीं बैठक हुई। यह बैठक पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से आयोजित की गई। इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बोर्ड के निदेशकों को संबोधित किया। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में केंद्रीय बजट 2021-22 और सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में बताया। बजट पर वित्त मंत्री की तारीफ करते हुए, बोर्ड के सदस्यों ने सरकार को सुझाव भी दिए।
वित्त मंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव अजय भूषण पांडे और दीपम सचिव तुहिन कांता पांडे भी शामिल रहे। बैठक में बोर्ड ने वर्तमान आर्थिक स्थिति, वैश्विक और घरेलू चुनौतियों और रिजर्व बैंक के संचालन के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की। इसमें बैंकों में शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के तरीके शामिल हैं।
सीतारमण ने पहली फरवरी को प्रस्तुत 2021-22 के बजट में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। इस घाटे को मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष तक 4.5 फीसदी पर लाने का लक्ष्य है। कोविड-19 महामारी से प्रभावित चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 9.5 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। बजट में अगले वित्त वर्ष के दौरान 12 लाख करोड़ रुपये का बाजार से कर्ज जुटाने का लक्ष्य रखा है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास कह चुके हैं कि केंद्रीय बैंक घरेलू बाजार से कर्ज जुटाने के सरकार के कार्यक्रम को संभालेगा। बजट में अगले साल बाजार मूल्य पर जीडीपी की वृद्धि दर 14.4 फीसदी रहने का अनुमान है। सीतारमण ने राजस्व में अगले साल 16.7 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया है। वर्ष के दौरान जीडीपी की वास्तविक (स्थिर मूल्य पर आधारित) वृद्धि दर 10-10.5 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान है। वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए अगले वित्त वर्ष में पूंजीगत खर्च को वर्तमान वर्ष के संशोधित 4.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ा कर 5.54 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है।