चालू वित्त वर्ष के लिए, रिजर्व बैंक ने 7.2% की विकास दर का अनुमान लगाया है। IMF ने भी भारत की विकास संभावना का अनुमान लगाया है। उन्होंने वास्तव में भारत के लिए अपने विकास अनुमान को संशोधित किया है और अब इसे 7% पर रखा है।
आम चुनावों के कारण केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से कम सरकारी व्यय के कारण हेडलाइन विकास दर पहली तिमाही में प्रभावित हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने IBAके वार्षिक बैंकिंग सम्मेलन FIBAC2024 में गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार विकास के मूल तत्व गति पकड़ रहे हैं और भारत की विकास कहानी बरकरार है।
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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, "चालू वित्त वर्ष के लिए, रिजर्व बैंक ने 7.2% की विकास दर का अनुमान लगाया है। IMF ने भी भारत की विकास संभावना का अनुमान लगाया है। उन्होंने वास्तव में भारत के लिए अपने विकास अनुमान को संशोधित किया है और अब इसे 7% पर रखा है।"
आरबीआई गवर्नर ने कहा, "दो दिन पहले, विश्व बैंक ने भी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत के विकास के अनुमान को बढ़ाकर 7% कर दिया है। मुझे लगता है कि सभी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और रिजर्व बैंक की ओर से लगाए गए अनुमानों की बात करें तो हमारी धारणाएं और अनुमान एक दूसरे से मेल खा रहे हैं।"
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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 5 सितंबर को फिक्की की ओर से आयोजित FIBAC2024-बैंकिंग फॉर विकसित भारत कार्यक्रम में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों और बाजारों में बड़े पैमाने पर बदलाव हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अब बड़े बदलावों के लिए तैयार है, और देश की अगले स्तर की यात्रा कई अनूठे कारकों पर आधारित है, जिसमें एक युवा और गतिशील आबादी, एक लचीली और विविध अर्थव्यवस्था, एक मजबूत लोकतंत्र और उद्यमिता की समृद्ध परंपरा शामिल है। कार्यक्रम में, आरबीआई गवर्नर ने "भारत एक मोड़ पर: कुछ विचार" शीर्षक से एक संबोधन दिया।