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सुहाना सफर: देश में तेजी से बढ़ रहा स्टार्टअप ईकोसिस्टम, विदेशी निवेशक मान रहे सुपरपावर भारत का भविष्य बेहतर

Mon, 12 Dec 2022 06:33 AM IST
देव कश्यप यतींद्र कुमार लवानिया, नई दिल्ली।

सार

अमेरिकी वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर ब्रेंडन रोजर्स कहते हैं कि 2025 तक देश में स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1.5 लाख पार हो जाएगी। ये करीब 32 लाख रोजगार देंगे। 
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स्टार्टअप (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विदेशी निवेशक भारत के आर्थिक महाशक्ति बनने की कहानी का हिस्सा बन रहे हैं। अमेरिकी वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर ब्रेंडन रोजर्स इसके पीछे पांच वजह बताते हैं।

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05 प्रमुख वजहें तरक्की की
पहला, भारत 28 वर्ष की औसत उम्र के साथ दुनिया का सबसे जवान देश है। दूसरा, सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर देश है। तीसरा, 7 फीसदी की गति से तरक्की कर रहा है। चौथा, स्टार्टअप करने वाले युवा हैं। ज्यादातर युवा देश में ही अवसर पैदा कर रहे हैं। पांचवां, डॉलर में तेजी के बाद भी विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है। वह कहते हैं कि इन पांच वजहों से यहां विशालकाय स्टार्टअप ईकोसिस्टम आकार ले रहा है, जिसे ताकत देने के लिए 60 करोड़ युवा हैं।  
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2025 तक 30 लाख लोगों को रोजगार
रोजर्स कहते हैं, 2025 तक देश में स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1.5 लाख पार हो जाएगी। ये करीब  32 लाख रोजगार देंगे। इनमें विदेशी निवेश बढ़कर 150 अरब डॉलर (12.3 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा हो जाएगा। इनका सामूहिक मूल्य बढ़कर 500 अरब डॉलर पहुंच जाएगा।

  • ज्यादातर विदेशी निवेशकों की मानें तो चीन के स्टार्टअप भरोसेे लायक नहीं हैं। अमेरिकी स्टार्टअप वास्तविक कीमत से बहुत ज्यादा पर निवेश की मांग करते हैं।
  • ऐसे में भारत के स्टार्टअप भरोसा और कीमत दोनों लिहाज से निवेशकों के लिए अच्छे साबित हो रहे हैं।
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