तमाम प्रयासों के बावजूद इस साल मार्च में सभी श्रेणी के वाहनों की बिक्री में 18.45 फीसदी की कमी देखने को मिली। इस दौरान यात्री वाहनों की बिक्री में भी 8.55 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। इससे पहले जनवरी और फरवरी में सभी श्रेणी के वाहनों की बिक्री में क्रमश: 4.68 फीसदी और 3.65 फीसदी की गिरावट आई थी।
सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने कुल 21,80,143 वाहन बिके। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के 26,73,337 वाहनों के मुकाबले 18.45 फीसदी कम है।
इस दौरान 3,34,829 यात्री वाहन बिके, जो मार्च 2018 के 3,66,126 कारों के मुकाबले 8.55 फीसदी कम है। अगर सिर्फ यात्री कारों की बात करें तो मार्च में इसकी बिक्री में 11.04 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, इस महीने वैन की बिक्री में 24.63 फीसदी बढ़ी है।
तिपहिया वाहनों की बिक्री बढ़ी
आंकड़ों के मुताबिक, बीते महीने 1,05,541 वाणिज्यिक वाहन बिके। यह आंकड़ा मार्च, 2018 में बिके 1,05,746 वाणिज्यिक वाहनों के मुकाबले 0.19 फीसदी कम है। हालांकि, तिपहिया वाहनों की बिक्री इस दौरान 9.28 फीसदी बढ़ी है। वहीं, दोपहिया वाहनों की बिक्री में 22.60 फीसदी की गिरावट आई है। इस साल मार्च में कुल 16,18,473 दोपहिया वाहन बिके, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 20,90,959 था।
चुनाव के बाद सुधरेगी स्थिति
सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने कहा कि ग्राहक अभी तक महंगे ब्याज दर के सदमे से उबर नहीं पाए हैं। एनबीएफसी संकट से वाहनों के वित्त पोषण में भी दिक्कत है। हालांकि, लोकसभा चुनावों के बाद स्थिति थोड़ी बदलेगी और फसलें भी कट जाएंगी। इससे ग्रामीण इलाकों में वाहनों की बिक्री बढ़ेगी। वहीं, अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि बीते वर्ष की दूसरी छमाही में बिक्री उम्मीद के अनुरूप नहीं रही। हालांकि, नए साल में स्थिति सुधरेगी।