देश की ई-काॅमर्स कंपनियों को जल्द ही अपने उत्पादों की फेक रिव्यू डालने के कारण जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इससे जुड़े गाइडलाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार के एक उच्च पदस्थ सूत्र के मुताबिक उपभोक्ता मामलों के विभाग ने इस बारे में एक कमिटी बनाई है जो फेक रिव्यू से जुड़े नियमों को अंतिम देने की तैयारी कर रही हैे। इन नियमों को वर्ष 2021 में बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैनडर्ड) की ओर से वर्ष 2021 में बनाया गया था।
सरकार से जुड़े जानकारों के मुताबिक फर्जी प्रोडक्ट रिव्यू पर रोक लगगाने के लिए सरकार गंभीर है। सरकार पैसे देकर पॉजिटिव रिव्यू और फाइव स्टार रेटिंग पर जुर्माना लगाने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि दूसरी कंपनियों के प्रोडक्ट की निगेटिव रिव्यू कराने पर भी कार्रवाई होगी। अगर ऐसा जान-बूझकर किया जा रहा है तो आरोपित कंपनी पर दस से पंद्रह लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ऐसे मामलों में सीसीपीए स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकता है।
बता दें कि ऑनलाइन कारोबार में फर्जी रिव्यू लिखाना और लिखवाना एक बड़ी समस्या है। कंनियां अपनी सुरक्षा के लिए तो कई उपाय कर रही हैं पर ग्राहकों के लिए इससे बचने का कोई तरीका उपलब्ध नहीं है। ऐसे में नए नियम बनने से ग्राहकोंं के हितों की रक्षा होगी। इन नियमों के अंतर्गत होटल, रेस्तरां, ई-कॉमर्स कंपनियां, रिटेल, टूर और ट्रेवल, सिनेमा बुकिंग और ऑनलाइन एप और इनके अलावे जहां रिव्यू का इस्तेमाल होता है वे सभी कपनियां आएंगी।
बता दें कि देश में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। त्योहारों पर लोग अक्सर ऑनलाइन खरीदारी का सहारा लेते हैं। अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2022 सेल भी सितंबर महीने की 22 तारीख से शुरू हो रहा है, ऐसे में सरकार की ओर से इस संबंध में अंतिम और महत्वपूर्ण फैसला जल्द लिए जाने की उम्मीद है।