प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी चालान के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, शनिवार को कहा कि कथित फर्जी चालान बनाने से जुड़ी धन शोधन जांच के अंतर्गत मुंबई के एक व्यवसायी की 1.37 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई हैं।
शीला सेल्स कॉर्पोरेशन नाम की कंपनी के प्रमोटर अशोक कुमार सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। एजेंसी ने इस संबंध में जारी एक बयान में कहा कि अशेक उत्तर प्रदेश राज्य के जौनपुर जिले का रहने वाला है। ईडी के बयान में कहा गया कि कुर्क की गई अचल संपत्तियों में मुंबई में तीन फ्लैट और जौनपुर में दो प्लॉट इस व्यवसायी और परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं।
ईडी ने कहा कि शीला सेल्स कॉरपोरेशन ने जुलाई 2017 से सितंबर 2019 के दौरान जय बजरंग ट्रेडर्स के नाम पर 352.9 करोड़ रुपये के फर्जी चालानों पर पूर्व कंपनी को माल की आपूर्ति के बिना 63.5 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया। प्रवर्तन निदेशालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद अशोक सिंह के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
नवी मुंबई में सीजीएसटी कमिश्नरेट की कार्रवाई
दूसरी ओर, मुंबई जोन के नवी मुंबई सीजीएसटी कमिश्नरेट के अधिकारियों ने 70 करोड़ रुपये के जीएसटी से जुड़े एक नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यहां से दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों व्यवसायियों को एक अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नवी मुंबई के सीजीएसटी आयुक्तालय ने यह जानकारी दी।
विद्यार्थियों से 107 करोड़ ठगी में पूर्व कुलाधिपति गिरफ्तार
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने 4500 विद्यार्थियों के माता-पिता से 107 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में बेंगलुरु के निजी अलाइंस विश्वविद्यालय के पूर्व कुलाधिपति मधुकर जी. अंगुर को गिरफ्तार किया है। यह रकम फीस के नाम पर ली गई थी। धन शोधन रोधी अदालत ने उसे सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।