भारत ने मार्च का महीना खत्म होने से 9 दिन पहले ही 400 अरब डॉलर के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य पार कर लिया और आत्मनिर्भर होने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ गया। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की यह उपलब्धि हमें वैश्विक व्यापारिक निर्यात रैंकिंग में शीर्ष 15 में पहुंचने में मदद कर सकती है।
इंजीनियरिंग सामों के निर्यात में इजाफा
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2022 में इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात में 50 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है। भारत को भी इस वित्तीय वर्ष में उच्च मूल्य और मूल्य वर्धित उत्पादों का अधिक निर्यात करते देखा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से व्यापारिक निर्यात चालू वित्त वर्ष में निर्धारित समय से 9 दिन पहले 400 अरब डॉलर को पार कर गया। यह 2018-19 में हासिल किए गए 330 अरब डॉलर के पिछले रिकॉर्ड से कहीं अधिक है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे भारत की आत्मानिर्भर भारत यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया है।
410 अरब डॉलर पहुंचेगा निर्यात
रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि मार्च के अंत तक भारत का निर्यात 410 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। इसमें यह भी बताया गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में सूती धागे/कपड़े/निर्मित-अप, हथकरघा उत्पाद, रत्न और आभूषण, अन्य अनाज और मानव निर्मित यार्न/कपड़े/अन्य के निर्यात में 50 फीसदी से 60 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की गई। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में, भारत को खाद्य और आवश्यक कृषि उत्पादों के एक प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरता हुआ देखा गया।
भारत का द्विपक्षीय व्यापार हुआ मजबूत
रिपार्ट में किए गए इन दावों की पुष्टि करते हुए डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के ग्लोबल चीफ इकोनॉमिस्ट अरुण सिंह का कहना है कि भारत के व्यापारिक निर्यात में वृद्धि मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों, लोहा और इस्पात और कीमती पत्थरों के कारण हुई थी। आभूषण, कार्बनिक रसायन और एल्यूमीनियम जैसे उत्पादों में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। इसके साथ ही भारत का द्विपक्षीय व्यापार अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश और नीदरलैंड के साथ काफी मजबूत हुआ है।