इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम, केमिकल्स और समुद्री उत्पादों के क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन की वजह से नवंबर में देश के माल निर्यात 26.49 फीसदी बढ़कर 29.88 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। यह जानकारी बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से जारी प्रोविजनल डाटा में दी गई। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल नवंबर में निर्यात 23.62 बिलियन डॉलर पर रहा था। वहीं, पिछले महीने इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में 37 फीसदी की अहम बढ़ोतरी हुई है और यह आठ बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। देश के कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 27 फीसदी रही।
2021 में अप्रैल से नवंबर के बीच भारत का निर्यात 262.46 बिलियन डॉलर रहा। यह इसी अवधि में पिछले साल की तुलना में 50.71 फीसदी और 2019 की तुलना में 24.29 फीसदी अधिक रहा। इस अवधि में 2020 में निर्यात 174.15 बिलियन डॉलर तो 2019 में 211.17 बिलियन डॉलर रहा था। वहीं, आयात की बात करें तो नवंबर महीने में यह 53.15 बिलियन डॉलर पर रहा जो कि पिछले साल नवंबर की तुलना में 57.18 फीसदी अधिक है। पिछले साल नवंबर में आयात 33.81 बिलियन डॉलर रहा था। कारोबारी घाटा 23.27 अमेरिकी डॉलर का रहा।
वित्त वर्ष का समापन रिकॉर्ड निर्यात के साथ होने की उम्मीद
ईईपीसी (इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) इंडिया के चेयरमैन महेश देसाई ने कहा कि इंजीनियरिंग सामग्रियों के शिपमेंट में विकास की रफ्तार जारी रही है और नवंबर में समग्र निर्यात को प्रेरित किया है। मुख्य बाजारों की ऑर्डर पाइपलाइन को देखते हुए हमें उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष का समापन रिकॉर्ड निर्यात के साथ होगा। देसाई ने आगे कहा कि कोरोना वायरस के नए वैरिएंट (ओमिक्रॉन) को देखते हुए चिंता के कुछ कारण जरूर सामने आए हैं लेकिन दो साल के अनुभव के बाद कड़े सीमा प्रतिबंध लगने की संभावना कम ही है।