सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) से विज्ञापन राजस्व साझाकरण योजना से उपयोगकर्ताओं को होने वाली आय को जीएसटी कानून के तहत आपूर्ति माना जाएगा और इस पर 18% कर देना होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) से विज्ञापन राजस्व साझाकरण योजना से उपयोगकर्ताओं को होने वाली आय को जीएसटी कानून के तहत आपूर्ति माना जाएगा और इस पर 18% कर देना होगा। बशर्ते यह कमाई जीएसटी से 20 लाख रुपये तक की आय की सीमा से अधिक हो। उसे जीएसटी का पंजीकरण भी कराना होगा।
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विशेषज्ञों के अनुसार किसी व्यक्ति की किराये से आय, बैंक जमा पर ब्याज व अन्य पेशेवर समेत विभिन्न सेवाओं से एक साल में कुल आय 20 लाख से ज्यादा होती है, तो उस पर जीएसटी लगता है। मिजोरम, मेघालय, मणिपुर जैसे कुछ विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए यह सीमा 10 लाख रुपये है।
एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बैंक से ब्याज के रूप में सालाना 20 लाख हासिल करता है और एक्स से भी एक लाख रुपये तक की कमाई करता है तो पूरी कमाई 21 लाख मानी जाएगी। उसे छूट की सीमा 20 लाख को छोड़कर एक लाख पर 18% जीएसटी देना होगा।