कीर स्टार्मर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यूरोप की रक्षा क्षमता और सैन्य शक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में शक्ति संतुलन का आधार सैन्य शक्ति बन गया है, इसलिए यूरोप को अपनी रक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना होगा। यह बात उन्होंने 62वीं म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कही। इस अहम वैश्विक सुरक्षा सम्मेलन में 60 से ज्यादा देशों और सरकारों के प्रमुख, लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष नेता व कम से कम 115 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
यूरोप को क्या करने की जरूरत?
स्टार्मर ने स्पष्ट कहा कि यूरोप को संभावित खतरों को रोकने में सक्षम होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर अपने लोगों, मूल्यों और जीवन शैली की रक्षा के लिए लड़ने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उनके मुताबिक, यूरोप को सामूहिक रूप से अपने पैरों पर खड़ा होना होगा और सुरक्षा के मोर्चे पर आत्मनिर्भरता बढ़ानी होगी।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ के साथ आर्थिक और रक्षा सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की। उन्होंने संकेत दिया कि ब्रिटेन को उन क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए जहां वह यूरोपीय संघ के सिंगल मार्केट के और करीब आ सकता है। स्टार्मर ने कहा कि रक्षा औद्योगिक सहयोग में 'जेनरेशनल बदलाव' लाने के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी हैं।
गहरा आर्थिक एकीकरण सभी पक्षों के हित में है
ब्रेक्जिट के छह वर्ष बाद संबंधों को लेकर उन्होंने कहा कि अब करीबी आर्थिक तालमेल पर नए सिरे से ध्यान देने का समय है और गहरा आर्थिक एकीकरण सभी पक्षों के हित में है। वहीं, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी यूरोप और ब्रिटेन के बीच अधिक घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए दोनों पक्षों को और करीब आना चाहिए। उनके अनुसार, ब्रेक्जिट के वर्षों बाद भी यूरोप और ब्रिटेन का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।