देश की राजधानी में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' से ठीक पहले आयोजकों और तकनीकी जगत के लिए एक निराशाजनक खबर आई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चिप निर्माण में दुनिया की अग्रणी कंपनी एनवीडिया (एनवीडिया) के सीईओ जेनसन हुआंग ने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार शाम को इस घटनाक्रम की पुष्टि की।
हुआंग का यह दौरा भारत के एआई ईकोसिस्टम के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन अब कंपनी ने साफ किया है कि अपरिहार्य कारणों से वे इस शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं रह पाएंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने जानकारी दी है कि एनवीडिया के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी यात्रा रद्द करने का निर्णय लिया है। अधिकारी ने कहा, 'एनवीडिया सीईओ ने कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण अपनी यात्रा रद्द कर दी है।'
हालांकि, कंपनी ने यह सुनिश्चित किया है कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी भागीदारी बनी रहे। सीईओ की अनुपस्थिति में, एनवीडिया अपना एक 'उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल' भेज रही है जो समिट में कंपनी का प्रतिनिधित्व करेगा और भारत के एआई विजन पर चर्चा करेगा।
16 फरवरी से भारत मंडपम में महाकुंभ इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन हो रहा है। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित प्रतिष्ठित भारत मंडपम में होगा। यह शिखर सम्मेलन 16 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलेगा। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का मकसद भारत को दुनिया के एआई मानचित्र पर स्थापित करना और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना है। जेनसन हुआंग इस कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में से एक थे, और उनकी उपस्थिति से भारत की एआई महत्वाकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर एक बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद थी।
तकनीकी दुनिया में एनवीडिया की स्थिति किसी परिचय की मोहताज नहीं है। यह कंपनी वैश्विक एआई ईकोसिस्टम में सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में से एक है। एनवीडिया का प्रभुत्व मुख्य रूप से इसके फास्ट प्रोसेसिंग जीपीयू सर्वर के कारण है, जो एआई मॉडल की ट्रेनिंग और संचालन के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं।
भारत, जो अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है, के लिए एनवीडिया जैसी कंपनी के साथ साझेदारी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि सीईओ का आना टल गया है, लेकिन उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति यह सुनिश्चित करेगी कि कंपनी भारतीय बाजार और यहां की एआई संभावनाओं को लेकर गंभीर बनी हुई है।