अक्तूबर माह में 12.44 लाख लोगों को रोजगार मिला है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में कुल 12.23 लाख लोगों को रोजगार मिला था। 2018-19 के वित्त वर्ष में कुल 1.49 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2017 से लेकर के अक्तूबर 2019 के बीच कुल 3.22 करोड़ लोगों ने ईएसआईसी योजना में जोड़े गए हैं। वहीं मार्च 2018 तक कुल 83.35 लाख लोग ईएसआईसी योजना से जुड़े थे। एनएसओ हर माह ईएसआईसी, ईपीएफओ और पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से मिले डाटा के अनुसार रिपोर्ट को तैयार करती है।
ईपीएफओ से जुड़े 7.39 लाख लोग
वहीं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अक्तूबर माह में कुल 7.39 लाख लोग जुड़े थे। सितंबर माह में यह आंकड़ा 9.48 लाख था। 2018-19 में कुल 61.12 लाख नए अंशधारक ईपीएफओ से जोड़े गए। वहीं सितंबर 2017 से मार्च 2018 तक 15.52 लाख जुड़े थे। ताजा डाटा के अनुसार सितंबर 2017 से अक्तूबर 2019 के बीच कुल 2.93 करोड़ अंशधारक जुड़े थे।
सितंबर में इतने जुड़े थे नए अंशधारक
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में ईएसआईसी के पास कुल 1.49 करोड़ नए अंशधारक रजिस्टर्ड हुए हैं। बता दें कि ईएसआईसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना से सितंबर 2017 से सितंबर 2019 के दौरान 3.10 करोड़ नए अंशधारक जुड़े हैं।
ईपीएफ योजना से सितंबर 2017 से सितंबर 2019 के दौरान करीब 2.85 करोड़ नए अंशधारक जुड़े।एनएसओ की ये रिपोर्ट अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े नए अंशधारकों की सूची पर आधारित है। योजनाएं ईएसआईसी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा संचालित हैं।
सितंबर में 9.98 लाख लोगों ने कराया पंजीकरण
इस साल सितंबर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से 9.98 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है, जो अगस्त में 9.41 लाख था। वित्त वर्ष 2018-19 की बात करें, तो इस दौरान शुद्ध रूप से 61.12 लाख नए अंशधारक ईपीएफओ की योजनाओं से जुड़े हैं। वहीं सितंबर 2017 से मार्च 2018 के बीच शुद्ध रूप से 15.52 लाख लोग जुड़े।
संख्या में दोहराव की गुंजाइश
एनएसओ का कहना है कि यह रिपोर्ट संगठित क्षेत्र में रोजगार के बारे में विभिन्न परिदृश्य को बताती है। यह समग्र रूप से रोजगार का आकलन नहीं करती। हालांकि संख्या में दोहराव की गुंजाइश है।