फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पत्रकार की संपत्ति कुर्क की, जानें पूरा मामला

Sat, 15 Jan 2022 02:37 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ED Attaches Journalists Property: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बताया कि उसने दिल्ली के एक पत्रकार की आवासीय संपत्ति कुर्क की है। गौरतलब है कि यह कार्रवाई कथित रूप से चीनी खुफिया अधिकारियों को संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने से जुड़े की मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के संबंध में की गई है।
 
विज्ञापन
ईडी की कार्रवाई - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बताया कि उसने दिल्ली के एक पत्रकार की आवासीय संपत्ति कुर्क की है। गौरतलब है कि यह कार्रवाई कथित रूप से चीनी खुफिया अधिकारियों को संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने से जुड़े की मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के संबंध में की गई है।

विज्ञापन


दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में संपत्ति कुर्क
ईडी ने अपने जारी किए गए एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के पीतमपुरा इलाके में स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा की 48.21 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क करने के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है। बता दें कि पिछले साल जुलाई में एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए शर्मा को पिछले सप्ताह ही दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से जमानत दे दी गई थी।

संवेदनशील जानकारी चीन को देने का मामला
एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि शर्मा ने पारिश्रमिक के बदले चीनी खुफिया अधिकारियों को गोपनीय और संवेदनशील जानकारी की आपूर्ति की थी, जिससे देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से समझौता किया गया था। राजीव शर्मा को ऐसा पारिश्रमिक महिपालपुर स्थित एक शेल कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा था, जिसे झांग चेंग उर्फ सूरज, झांग लिक्सिया उर्फ उषा और किंग शी जैसे चीनी नागरिकों द्वारा एक नेपाली नागरिक शेर सिंह उर्फ राज बोहरा के साथ चलाया जाता था।
विज्ञापन


नकद में किया गया था पत्रकार को भुगतान
ईडी ने अपने बयान में कहा कि यह चीनी कंपनी राजीव शर्मा जैसे व्यक्तियों के लिए पारिश्रमिक प्रदान करने के लिए चीनी खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही थी। उसने दावा किया कि पारिश्रमिक का भुगतान वाहकों के साथ-साथ नकद जमा के माध्यम से नकद में किया जा रहा था। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल की थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें