फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ED: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत चार विला और 6.75 एकड़ जमीन कब्जे में ली, PFI से जुड़ा है मामला

Sat, 05 Aug 2023 03:02 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ED Action: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को आतंकवादी गतिविधियों के साथ कथित संबंधों को लेकर पिछले साल सितंबर में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि पीएफआई नेता और विदेशी संस्थाओं से जुड़े सदस्य मुन्नार में एक आवासीय परियोजना- मुन्नार विला विस्टा प्रोजेक्ट (एमवीवीपी) विकसित कर रहे थे, जिसका उद्देश्य विदेशों के साथ-साथ देश के भीतर एकत्र किए गए धन को "सफेद" करना था।
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ धनशोधन की जांच के तहत केरल के मुन्नार जिले में चार विला और 6.75 एकड़ जमीन अपने कब्जे में ले ली है। संपत्ति की कुल कीमत 2.53 करोड़ रुपये (बुक वैल्यू) है और यह मुन्नार विला विस्टा प्राइवेट लिमिटेड की है। ईडी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि संघीय जांच एजेंसी ने सात जनवरी को उन्हें अस्थायी रूप से कुर्क किया था और धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के निर्णायक प्राधिकरण ने 30 जून को इसकी पुष्टि की। इसमें कहा गया है कि निर्णायक प्राधिकरण के आदेश ने एजेंसी के लिए जमीन और चार विला को अपने कब्जे में लेने का मार्ग प्रशस्त कर दिया।

विज्ञापन

पिछले साल सितंबर में आतंकवादी गतिविधियों के कारण पीएफआई पर लगा था बैन

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को आतंकवादी गतिविधियों के साथ कथित संबंधों को लेकर पिछले साल सितंबर में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि पीएफआई नेता और विदेशी संस्थाओं से जुड़े सदस्य मुन्नार में एक आवासीय परियोजना- मुन्नार विला विस्टा प्रोजेक्ट (एमवीवीपी) विकसित कर रहे थे, जिसका उद्देश्य विदेशों के साथ-साथ देश के भीतर एकत्र किए गए धन को 'सफेद' करना था, और पीएफआई के लिए धन उत्पन्न करना था ताकि इसकी कट्टरपंथी गतिविधियों को "वित्तपोषित" किया जा सके। यह परियोजना मुन्नार विला विस्टा प्राइवेट लिमिटेड (एमवीवीपीएल) के नाम से एक कंपनी बनाकर विकसित की जा रही थी।

एनआईए की प्राथमिकी से उपजा था धनशोधन का मामला

एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि परियोजना में बड़ी मात्रा में बेहिसाबी नकदी डाली गई, फर्जी शेयरधारकों के नाम पर एमवीवीपीएल के शेयरों को नकद में खरीदा गया, बिना किसी विचार के एमवीवीपीएल के शेयरों का हस्तांतरण किया गया और वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के बिना अन्य कंपनियों को फर्जी हस्तांतरण किया गया। धनशोधन का यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्राथमिकी से उपजा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पीएफआई/एसडीपीआई (सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने अपने कैडरों को विस्फोटकों और हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने के लिए आपराधिक साजिश रची और कन्नूर के नारथ में एक 'आतंकवादी शिविर' का आयोजन किया। पीएफआई का गठन 2006 में केरल में हुआ था और इसका मुख्यालय दिल्ली में था।
विज्ञापन

बालाजी के करीबी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

ईडी ने धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी और अन्य के खिलाफ ताजा छापेमारी के बाद एक चालक के परिसरों से कथित तौर पर 16 लाख रुपये से अधिक का बेहिसाब कीमती सामान और 22 लाख रुपये नकद बरामद किए। एजेंसी ने शनिवार को यह जानकारी दी। 

राज्य के कोयंबटूर और करूर जिलों में तीन अगस्त को बालाजी से जुड़े नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में चेन्नई के पुझल केंद्रीय कारागार में बंद हैं। बालाजी, एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार में बिना विभाग के मंत्री बने हुए हैं। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य परिवहन विभाग में नौकरियों के बदले नकदी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में 14 जून को गिरफ्तार किया था।

ईडी ने कहा कि उसने ताजा छापेमारी तब की गई जब उसे 'खुफिया जानकारी' मिली कि बालाजी के 'करीबी सहयोगी' एसटी सामीनाथन के पास अपराध से जुड़े दस्तावेज हैं और वह उन्हें छिपाने/स्थानांतरित करने का प्रयास कर रहा है। सामीनाथन के परिसरों पर छापा मारा गया और यह पाया गया कि उनकी भाभी शांति 'उनकी बेनामी के रूप में काम कर रही थीं और उन्हें दस्तावेजों और कीमती सामानों से भरे बैग ले जाते हुए देखा गया था'।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें