चीनी मोबाइल निर्माता दिग्गज शाओमी के ग्लोबल वीपी और पूर्व भारतीय प्रमुख मनु जैन बुधवार को फेमा मामले में ईडी के समक्ष पेश हुए। ईडी ने उनसे कंपनी के भारत में कारोबार और पिछले कुछ वर्षों में विदेशी लेनदेन में विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून के उल्लंघन से जुडे़ सवाल पूछे।
ईडी ने मनु जैन को बेंगलुुरु कार्यालय में खुद या प्रतिनिधि के जरिये कंपनी के वित्तीय दस्तावेज सौंपने के लिए समन भेजा था। जैन से ईडी ने शाओमी के शेयरधारकों, फंड के स्रोत, वेंडर अनुबंध और भारतीय प्रबंधन को किए गए भुगतान व विदेश भेजे गए पैसों का ब्योरा मांगा था। सूत्रों के मुताबिक ईडी शाओमी और उसके कार्यकारी अधिकारियों के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों के विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के तहत जांच कर रहा है।
हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, शिओमी में कानूनों का पालन किया जाता है और एक जिम्मेदार कंपनी है। पिछले साल दिसंबर में शाओमी समेत कई अन्य चीनी मोबाइल कंपनियों पर आयकर ने कर चोरी मामले में छापे मारे थे। पिछली कई तिमाही से शाओमी भारतीय स्मार्टफोन बाजार में अग्रणी रहा है।