प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर राज्य में अवैध तरीके से जमीन हथियाने वाले कुछ लोगों की गोवा स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की 31 अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। यह कार्रवाई धनशोधान मामले में जांच के तहत की गई है। एजेंसी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि सर्किल रेट के अनुसार कुल 39.24 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क करने के लिए धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है।
यह मामला गोवा पुलिस की ओर से विक्रांत शेट्टी, मोहम्मद सुहैल, राजकुमार मैथी और कुछ अन्य के खिलाफ गोवा में अचल संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने से संबंधित है। ईडी ने कहा कि जांच में पाया गया कि आरोपियों ने अपने या अपने सहयोगियों या रिश्तेदारों के नाम पर विभिन्न अचल संपत्तियां ''अवैध रूप से'' अर्जित की।
इसमें कहा गया है कि आरोपियों ने अपने दावे के समर्थन में भूमि रिकॉर्ड में 'फर्जी' दस्तावेज दिखाए और बताया कि अचल संपत्ति उनके पूर्वजों की है। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने उत्तराधिकार विलेख और सूची बनाकर उन्हें अपने नाम पर अपडेट कराया या भूमि रिकॉर्ड में बदलाव करवा लिया। जांच एजेंसी ने दावा किया कि इनमें से कुछ अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को आरोपियों ने गोवा और अन्य राज्यों के खरीदारों को बेच दिया।
18 जगहों पर PMLA कानून के तहत
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई में शाइन सिटी धोखाधड़ी मामले में भी तलाशी अभियान चलाया। रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने 24 नवंबर को लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, मुंबई और दिल्ली में 18 स्थानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया है। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और रुपये की बेहिसाब नकदी और आभूषण बरामद किए गए। 1.60 करोड़ रुपये (95 लाख रुपये नकद, 65 लाख रुपये के आभूषण) बरामद और जब्त किए गए।