E-Shram Portal: ई-श्रम पोर्टल अब सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध होगा। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से अपील की कि वे पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को ई-श्रम पोर्टल पर बहुभाषी सुविधा का शुभारंभ किया। इसका मकसद असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं तक सुगम पहुंच प्रदान करना है। श्रम मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, अब यह पोर्टल सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध होगा। यह कदम ई-श्रम को 'वन स्टॉप सॉल्यूशन' बनाने के सरकार विजन के अनुरूप है। कर्यक्रम में श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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यह कदम सरकार के असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के प्रयासों में एक और मील का पत्थर है। ई-श्रम पोर्टल को इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की भाषिणी परियोजना का उपयोग करके 22 भाषाओं में अपडेट किया गया है। इससे पहले, यह पोर्टल केवल अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़ और मराठी में उपलब्ध था। कार्यक्रम में श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि यह ई-श्रम मंच पर बढ़ता विश्वास है। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों द्वारा हर दिन औसतन 30 हजार से अधिक पंजीकरण हो रहे हैं।
मंत्री ने सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से अपील की कि वे ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराएं, ताकि वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें, जो उनके कल्याण, आजीविका और भलाई के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पोर्टल पर पंजीकरण से असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और पहलों तक पहुंच मिल सकेगी। अब तक, ई-श्रम पोर्टल के जरिए 12 सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा चुका है।
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मांडविया ने कहा कि पोर्टल की पहुंच बढ़ाने और यूजर के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर्स, बैंक कनेक्टर्स, पोस्ट ऑफिस जैसे मध्यस्थों की मदद ली जाएगी। श्रम सचिव सुमिता दावड़ा ने बताया कि असंगठित श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं तक सहज पहुंच प्रदान करने के लिए मंत्रालय ई-श्रम को वन स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों की योजनाओं को भी ई-श्रम पोर्टल के साथ जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।