राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश में एक गुप्त विनिर्माण इकाई पर छापेमारी कर 119.4 किलोग्राम अल्प्राजोलम दवा बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 24 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें मास्टमाइंड, केमिस्ट, फाइनेंसर और खरीदार शामिल हैं।
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अल्प्राजोलम एक नियंत्रित मनोदैहिक दवा है, जिसका दुरुपयोग नशे के तौर पर भी किया जाता है। हैदराबाद, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और काकीनाडा के राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने यह अभियान चलाया।
जांच में इन्हें भी किया गया जब्त
इसके साथ ही 87.8 किलोग्राम इन-प्रोसेस सामग्री भी बरामद की गई। आगे की जांच की सहायता के लिए तरल रूप में 3,600 लीटर और ठोस रूप में 311.6 किलोग्राम अवैध रूप से प्राप्त कच्चे माल, अल्प्राजोलम के निर्माण में प्रयुक्त उपकरण (दो रिएक्टर, एक सेंट्रीफ्यूज और एक ड्रायर) और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
गिरफ्तार किए गए लोग दूसरे आपराधिक मामलों में भी शामिल
इसके अलावा जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश व्यक्ति मादक दवाओं और मनप्रभावी पदार्थों के गुप्त निर्माण और अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित मामलों में पहले से ही संलिप्त थे। पूछताछ में पता चला कि इन लोगों ने जेल में रहते हुए ही इस अवैध गतिविधि को अंजाम देने की साजिश रची थी और अपना नेटवर्क बनाया था। बयान में आगे कहा गया है कि अल्प्राजोलम को ताड़ी में मिलावट के लिए तेलंगाना ले जाया जाना था।