ई-सीएनवाई परियोजना से चीन ने 2020 में युआन का डिजिटल करेंसी परीक्षण शुरू किया। वहां के प्रमुख शहरों में लोगों को 200 डिजिटल युआन मुफ्त दिया गया है, जिन्हें 14 दिन में खर्च करने को कहा गया। दुकानदारों को इसे करेंसी नोट जैसा ही मानने को कहा गया। परीक्षण सफल रहा। आज इस डिजिटल युआन को रेनमिनबी नाम से सभी एप स्वीकार कर रहे हैं। बीजिंग ओलंपिक में चीन इसे दुनिया के सामने रख सकता है।
डिजिटल और क्रिप्टोकरेंसी में फर्क
डिजिटल करेंसी
क्रिप्टोकरेंसी
खतरे भी कायम
डिजिटल करेंसी में सबसे बड़ा खतरा डिजिटल धोखाधड़ी या साइबर अपराध का है। इसे एक पुख्ता व्यवस्था से ही सुरक्षित रखा जा सकता है। साइबर ठगों से बचाने के लिए नागरिकों को इसके उपयोग को लेकर जागरूक करना भी एक चुनौती होगी।
कम होगा मकान खरीदारों का पैसा डूबने का जोखिम
रियल एस्टेट कारोबारियों और डेवलपर्स का कहना है कि डिजिटल रुपया आने से क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। मकान या अन्य संपत्तियों के खरीदारों के पैसे डूबने का जोखिम कम हो जाएगा।
डेवलपर्स एसोसिएशन नरेडको (नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल) का कहना है कि ब्लॉकचेन तकनीक की मदद से आने वाली आरबीआई की डिजिटल करेंसी की मदद से उद्योग के लिए कामकाज आसान हो जाएगा। इससे न सिर्फ उद्योग को अपनी रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि ग्राहकों के बीच भरोसा बढ़ाने का भी काम करेगी।