विमानन क्षेत्र की नियामक संस्था डीजीसीए ने सिविल एविशन रिक्वायरमेंट (CAR) में संशोधन किया है। यह बदलाव उन यात्रियों के लिए किया गया है जो एयरलाइन कंपनी की ओर से मना करने, फ्लाइट कैंसिल होने और फ्लाइट में देरी के कारण बोर्डिंग नहीं कर पाते हैं।
संशोधन से उन यात्रियों को भी मदद मिलेगी जिनकी इच्छा के बगैर उनके टिकट को खरीदे जाने की तुलना में सामान्य श्रेणी में डाउनग्रेड कर दिया गया हो। अगर ऐसी स्थिति बनती है तो एयरलाइन की ओर से यात्री को प्रतिपूर्ति देय होगी। घरेलू क्षेत्र के लिए प्रतिपूर्ति की यह राशि करों सहित टिकट की लागत का 75% होगा।
अंतरराष्ट्रीय विमानों के मामलों में यह 1500 किमी या उससे कम की दूरी के टिकटों का 30% और 1500 से 3500 किमी के टिकटों का 50% होगा। प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान एयरलाइंस को टैक्स के साथ करना होगा। डीजीसीए की ओर से इस बारे में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।